राजधानी हरियाणा केन्द्रीय रक्षा उत्पादन राज्य मंत्री राव इंद्रजीत सिंह की अफगानिस्तान से अपने पड़दादा शहीद राव तुलाराम की अस्थियां लाने की मंशा अधूरी रह गई है। अफगानिस्तान में जहां तुलाराम का अंतिम संस्कार किया गया था, वहां कुछ छतरियां बनी हुई थीं। तालिबान शासन के दौरान इन छतरियों का नामो-निशान मिटा दिया गया। इंद्रजीत सिंह 1976 में अफगानिस्तान गए थे। अपनी इस यात्रा के दौरान उन्होंने देखा कि काबुल से छह किलोमीटर दूर कुछ छतरियां बनी हुई थीं।
इनमें एक छतरी शहीद तुलाराम की थी, जिसका एक पाया टूटा हुआ था। अफगानिस्तान बाद में लंबे समय तक राजनीतिक अस्थिरता का शिकार रहा। तालिबानी शासन के दौरान हालात ज्यादा खराब रहे, ऐसे में इंद्रजीत सिंह अस्थियां लेने अफगानिस्तान नहीं जा सके।
केद्र में पहले विदेश और फिर रक्षा उत्पादन राज्य मंत्री की जिम्मेदारी मिलने के बाद उन्होंने अपने निजी सहायक मोहम्मद को अफगानिस्तान भेजा।
वापस लौट कर उसने रिपोर्ट दी कि छतरियां तोड़ डाली गई हैं और सही जगह का पता लगा पाना अब मुमकिन नहीं है।
नसीबपुर-नारनौल में अंग्रेजों से भिड़े थे तुलाराम प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के दौरान सन् 1857 में राव तुलाराम ने नसीबपुर-नारनौल के मैदान में अंग्रेज सेना से भयंकर युद्ध लड़ा था। अंग्रेजों को पछाड़ कर तुलाराम ने अहीरवाल क्षेत्र में स्वतंत्रता का परचम लहराया था।
लेकिन कं्राति की असफलता के बाद उन्होंने आजादी का अलख जगाने के लिए कभी ईरान के शाह से मुलाकात की, कभी अफगानिस्तान के अमीर से। उन्होंने रूस के जार का दरवाजा भी खटखटाया था।
तुलाराम ने 1857 की क्रांति के समय दिल्ली के सम्राट बहादुर शाह की तन, मन व धन से सहायता की थी। क्रांतिकारियों को किसी तरह की परेशानी नहीं हो, इसके लिए उन्होंने 45000 रुपए, 43 गाड़ियां, 2000 बोरी अनाज, दवाएं और अस्त्र-शस्त्र बादशाह को भिजवाए थे।
तुलाराम के बारे में कैप्टन हडसन ने लिखा है.. 2 अक्टूबर, 1857 को 1500 सैनिकों व तोपखाने की एक टुकड़ी के साथ रेवाड़ी पर हमला करने बिग्रेडियर जनरल शावर्स के नेतृत्व में आए कैप्टन हडसन ने लिखा है, 'अगर दिल्ली में हमारी हार हो जाती तो रेवाड़ी में हमारा काम तमाम करने वाला तुलाराम पहला व्यक्ति होता। सैनिक शस्त्र, तोपें, छकड़े और गोला-बारूद सब रेवाड़ी में ही बना रहे थे।'
राव तुलाराम की याद में रेवाड़ी में शहीद समारोह आज पहले स्वतंत्रता संग्राम की 150वीं वर्षगांठ के मौके पर राव तुलाराम की याद में 23 सितंबर को रेवाड़ी में शहीद समारोह का आयोजन किया जाएगा।
राव तुलाराम स्टेडियम में आयोजित शहीद समारोह में राज्यपाल डॉ. ए.आर. किदवई मुख्य अतिथि होंगे। समारोह का आयोजन केन्द्रीय रक्षा उत्पादन राज्य मंत्री राव इंद्रजीत सिंह कर रहे हैं।
समारोह में भारत-पाक युद्ध, भारत-चीन युद्ध व कारगिल युद्ध में शहीद हुए जवानों के अलावा देश की रक्षा के लिए वीरगति को प्राप्त हुए सूरमाओं को याद किया जाएगा।
अधूरी रह गई मन्शा 'कई साल से इच्छा थी कि जहां राव तुलाराम का अंतिम संस्कार हुआ, वहां से कुछ अवशेष व मिट्टी रेवाड़ी लाई जाए, लेकिन अफसोस है कि मेरी यह मंशा पूरी नहीं हो पाई।' - राव इंद्रजीत सिंह, केन्द्रीय रक्षा उत्पादन राज्य मंत्री।