जोधपुर. सैकड़ों मरीज म्यूजिक के साथ डांस कर और गाना गाकर अपनी बीमारी को दूर करने में लगे हैं। जोधपुर के मनोरोगी अस्पताल में ऐसे 30 रोगियों को बीमारी से निजात मिली है।
म्यूजिक थैरेपी विशेषज्ञ डॉ. प्रतिमा गुप्ता ने बताया कि तनाव वाले इस युग में बढ़ रहे मनोरोगियों के लिए चाइल्ड आटिस, व्यस्कों के मानसिक रोग एवं बुजुर्ग व्यक्तियों की बीमारियों इसका में भी अनुकूल प्रभाव देखा गया है।
म्यूजिक थैरेपी के साथ योग करवाने से मथुरादास माथुर अस्पताल में गत एक दशक से भर्ती 30 रोगी स्वस्थ हुए हैं। मनोरोगी अस्पताल के विभागाध्यक्ष डॉ.महावीचंद का कहना है कि इन रोगियों को अब दवाएं कम करनी पड़ी हैंै। ये रोगी अपने परिजनों को पहचानने लगे हैं।
यूं ठीक होते हैं मरीज
संगीत शास्त्र के आचार्यों के अनुसार गायन में आवाज नाभिकेंद्र से उठती है, ब्रrारन्ध तक पहुंचती है, बालू कंठ, ह्रदय, यकृत एवं आंतों को प्रभावित करती हुई एक गतिचक्र बनाकर पुन: अपने उदगम स्थान नाभि तक पहुंचती है। यहीं से म्यूजिक थैरेपी का प्रादुर्भाव होता है।
30 रोगी ठीक
जिन रोगियों को पहले खाने, पीने और कपड़े पहनने का होश नहीं था अब न केवल अपना मेकअप खुद करती हैं, साफ सुथरे कपड़े पहनती हैं और डॉक्टरों के साथ मिलकर अन्य रोगियों की सेवा तक का कार्य करने लगी हैं।