जोधपुर. सगी बहन की चाकू से गोद कर हत्या करने के आरोपी भाई कमल टाक को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रेक संख्या-1 ने आजीवन कारावास की
सजा से दंडित किया है।
अभियोजन के अनुसार 5 जून 06 को राजकुमारी ने चौपासनी हाउसिंग बोर्ड पुलिस थाने में एक रिपोर्ट दर्ज करवाकर कहा कि उसकी पुत्री रेणु की शादी 9-10 वर्ष पहले हुई थी। शादी के दो वर्ष बाद तलाक हो गया तथा रेणु के एक लड़का भी है। इसके बाद रेणु चौपासनी हाउसिंग बोर्ड के पास स्थित रामनगर में अकेले रहने लगी। 4 जून 06 को रात्रि के साढ़ेे दस बजे वह अपनी पुत्री से मिलने गई। मेन गेट का दरवाजा बंद होने और आवाज लगाने पर भी कोई जवाब नहीं आया। इस पर उसने पीछे जाकर देखा तो पीछे के कमरे में रेणु लहूलुहान हालत में पड़ी थी। इस पर पुलिस ने मामला दर्ज कर अनुसंधान किया।
अनुसंधान के बाद कमल टाक के विरुद्ध भारतीय दंड संहिता की धारा 302 व 460 के तहत आरोप विचरित किए गए। अभियोनज पक्ष में इस मामले में 39 गवाह पेश किए। सरकार की ओर से अपर लोक अभियोजक केसी पीतावर ने कहा कि गवाहों के बयान, चाकू की बरामदगी व गवाह रेणु का पुत्र निखिल तथा सहेली शिवाणी के बयानों से अपराध की पुष्टि होती है।
वहीं कमल टाक के अधिवक्ता ने कहा कि इस मामलें में दो गवाह पक्षद्रोही घोषित हो गए हैं तथा उपलब्ध साक्ष्य से घटना की पुष्टि नहीं होती है। सभी पक्षों की बहस सुनने के बाद फास्ट ट्रेक न्यायाधीश बृजेशकुमार डांगरा ने माना कि रिकार्ड पर उपलब्ध साक्ष्य से कमल टाक द्वारा रेणु की हत्या करने की पुष्टि होती है। इसलिए कमल टाक को आजीवन कारावास एवं दो हजार रुपए के अर्थ दंड से दंडित किया जाता है।