नई दिल्ली. रामसेतु के मुद्दे पर वाम दलों ने भाजपा की आलोचना करते हुए कहा कि उसके नेतृत्व वाली पिछली केंद्र सरकार में ही सेतुसमुद्रम परियोजना को तैयार किया गया था और उस सरकार के गृहमंत्री लालकृष्ण आडवाणी ने ही इसे मंजूरी दी थी और अब भाजपा इस मुद्दे का इस्तेमाल गलत तरीके से कर रही है।
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी तथा फारवर्ड ब्लाक ने इस आरोप को खारिज किया कि वाम दल और द्रविड़ मुन्नेत्र कषगम (द्रमुक) 40 माह पुरानी डा. मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन सरकार को घेरने में लगे हैं।
वाम दलों की यह प्रतिक्रिया आडवाणी के उस बयान पर आई है, जिसमें उन्होंने कहा था कि केंद्र में सत्तारूढ़ कांग्रेस नेतृत्व वाले संयुक्त के सहयोगी वाम दल अमेरिका के साथ परमाणु समझौते का जबर्दस्त विरोध कर रहे हैं जबकि द्रमुक राम सेतु को ध्वस्त करने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा रही है। मध्यावधि चुनाव के बारे में चल रही अटकलों पर शीर्ष वाम नेताओं ने बताया कि फिलहाल यह उनके एजेंडा में नहीं है।