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परिजन बोले- पिटाई से बेटा मरा

इंदौर.teacher सुषमा कुमारी त्रिपाठी स्कूल कंडीलपुरा में दूसरी कक्षा में छात्र को होमवर्क नहीं करने पर शिक्षिका ने इतना पीटा कि दो दिन अस्पताल में इलाज के बाद मौत को गई। सोमवार को स्कूल खुलते ही पड़ोसियों ने स्कूल का घेराव कर आरोपी शिक्षिका की जमकर पिटाई की और दो घंटे चक्काजाम किया।

सुबह नौ बजे शुरू हुआ हंगामा दोपहर दो बजे तक चलता रहा। पुलिस ने स्कूल की छुट्टी कराई और किसी तरह बच्चों को बाहर निकाला। उधर, छात्र के परिजन इतने सदमे में हैं कि रिपोर्ट लिखाने से भी मना कर दिया।studentहादसा छह साल के असीम सांतरा के साथ हुआ।

पिता प्रशांत व मां सीमा की मानें तो क्लास टीचर ग्यारसी गुप्ता ने शुक्रवार को उसकी जमकर पिटाई की। वह स्कूल से लौटा तो जमकर रोया और उल्टियां होने लगीं। हम उसे बाफना अस्पताल ले गए तो भर्ती कर लिया। शनिवार की शाम वह बेहोश हुआ और रविवार सुबह 6.30 बजे दम तोड़ दिया। असीम के पड़ोसी मौत के बाद से ही काफी नाराज थे।

सोमवार को जैसे ही स्कूल खुला वे पहुंचे और हंगामा मचा दिया। हलका पथराव हुआ और गुप्ता मैडम की जमकर पिटाई कर दी गई। स्कूल प्रशासन के बुलाने पर पहुंची पुलिस ने लोगों को खदेड़ा तो उन्होंने चक्काजाम कर दिया। स्कूल प्रशासन पूरे समय मामला दबाने में लगा रहा और कई बार मीडिया से भी झड़प हुई।

स्कूल प्रबंधन की ओर से कुछ लोगों ने धमकाया कि मुख्यमंत्री को फोन लगाकर हालत खराब कर देंगे। स्थानीय नेताओं के संरक्षण की धमकी भी दी। इसी दौरान वरिष्ठ कांग्रेसी कृपाशंकर शुक्ला स्कूल पहुंचे और मीडिया के सामने स्कूल का पक्ष रखने लगे। उनका कहना था कोई शिक्षिका बच्चे को ऐसा नहीं मारती कि मौत हो जाए।

चोट लगने से हुई मौत
असीम का इलाज करने वाले डॉ. धीरेंद्र जैन व डॉ. प्रशांत निवालकर ने बताया उसकी मौत सिर में लगी ताजी चोट से सिर में खून जमा होने से हुई।

‘मेरा तो बेटा चला गया..’
असीम के माता-पिता ने बताया वह हमेशा गुप्ता मैडम द्वारा पिटाई की बात कहता था। इसकी शिकायत स्कूल में भी की थी। पिता प्रशांत बोले मैं दिन-रात काम में लगा रहता हूं पर शाम को बेटे को देखता तो सारी थकान मिट जाती। अब मेरा क्या होगा? फिर रोते हुए बोले बेटा ही नहीं रहा और मैं शहर में नया हूं, इसलिए कोई कार्रवाई नहीं करना चाहता।

रजिस्टर में भी गड़बड़ी
जांच करने पहुंचे शिक्षा विभाग के सहायक संचालक आर.एस. कोचला व योजना अधिकारी पी.सी. वर्मा ने बताया हाजिरी रजिस्टर में उसे शुक्रवार को अनुपस्थित और शनिवार को उपस्थित बताया गया जबकि रविवार सुबह तक वह अस्पताल में था। वह शनिवार को स्कूल में कैसे उपस्थित था इसका जवाब श्रीमती गुप्ता नहीं दे सकीं।

मैंने मारपीट नहीं की
>> मैंने न असीम के साथ मारपीट की, न अन्य छात्रों पर हाथ उठाती हूं। छात्रों के बीच फेमस हूं, इसलिए उसने मेरा नाम बोल दिया। मेरे साथ मारपीट करने वालों में कोई भी अभिभावक नहीं था।
-ग्यारसी गुप्ता, शिक्षिका

>> असीम के माता-पिता ने कभी मारपीट की शिकायत नहीं की। घटना के बारे में मुझे ज्यादा जानकारी नहीं, श्रीमती गुप्ता ही बता सकती हैं।
-सावित्रीदेवी त्रिपाठी, प्राचार्य





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