भोपाल.
गणपति बप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आ.। इस प्रार्थना के साथ भक्तों ने अनंत चतुर्दशी पर भगवान गणेश को विदाई दी। मंगलवार रात शहर की सड़कों पर धूमधाम से गणेश विसर्जन चल समारोह निकला। भदभदा स्थित प्रेमपुरा और अन्य घाटों पर प्रतिमाओं के विसर्जन का सिलसिला सुबह से ही शुरू हो गया था, जो देर रात तक चलता रहा।
सुबह से ही लोग गणेश प्रतिमाओं को विसर्जन के लिए ढोल-बाजों के साथ लेकर निकल पड़े थे। शहर पूरी तरह गणपतिमय दिखाई देने लगा था। जो प्रतिमाएं दिन में विसर्जित नहीं की गईं, वे चल समारोह में शामिल हुईं। बस स्टैंड चौराहे से रात करीब 11 बजे हिन्दू उत्सव समिति के अध्यक्ष नरेश जाधव और अन्य लोगों ने पूजा-आरती कर चल समारोह का शुभारंभ कराया।
चल समारोह में शामिल विद्युत साज-सज्जायुक्त एक से बढ़कर एक झिलमिल झांकियों को देखने लोगों का सैलाब उमड़ रहा था। सबसे पहले बस स्टैंड चौराहे पर टीला जमालपुरा, कबीटपुरा व राम नगर कालोनी की झांकियां पहुंची। सबसे आगे धर्म ध्वज लिए युवक चल रहे थे। पुलिस ने चौराहे को चारों और से बेरीकेट लगाकर घेर रखा था। भारी पुलिस बल भी तैनात था।
झांकी में रामसेतु :
दुर्गा चौक तलैया गणेश एकता उत्सव समिति द्वारा सजाई गई राम सेतु की झांकी आकर्षण का केंद्र थी। झांकी के अगले भाग में भगवान गणेश विराजमान थे। दूसरे हिस्से में समुद्र और उस पर भगवान राम की सेना को सेतु बनाते दर्शाया गया है। भगवान राम, हनुमान, नल और नील के चलित पुतले झांकी में चार चांद लगा रहे थे।
चक दे की धूम:
नारियल खेड़ा व शाहजहानांबाद क्षेत्र से आई दो झांकियां ‘चक दे इंडिया’ पर आधारित थी। एक झांकी में महिला हॉकी टीम और फिल्म अभिनेता शाहरुख खान को दिखाया गया, जबकि दूसरी झांकी में भारतीय क्रिकेट टीम और उसके कप्तान महेंद्र सिंह धोनी को विश्व कप के साथ दर्शाया गया। दोनों झांकियां लोगों को खूब भा रही थीं। कुछ झांकियां वंदे मातरम् का संदेश दे रही थीं। तिरंगा थामे भारत माता की प्रतिमा के चारों और हिन्दू, मुस्लिम, सिख व इसाई खड़े दिखाए गए थे।
पंद्रह फीट ऊंचे गणेश:
चांदबड़ और जीपीओ की झांकियां भव्यता और विद्युत सज्जा के कारण लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच रहीं थीं। केवटपुरा और छोला की 12 से 15 फीट की गणेश प्रतिमाएं चल समारोह की शान थीं। सोमवारा, इतवारा, चौक, लखेरापुरा व कमला पार्क मार्ग समेत कई स्थानों पर झांकियों के स्वागत के लिए मंच बनाए गए थे।
झलकियां
झांकियां देखने चल समारोह मार्ग के मकानों की छतों, छज्जों, बरामदों और पटियों पर भारी संख्या में लोग जमा थे। यह रात नौ बजे से झांकियों का इंतजार कर रहे थे।
युवक व बच्चे गणपति बप्पा मोरिया के जयकारे लगाते ढोल-बाजों की थाप पर नाचते हुए चल रहे थे। कई जगह गुलाल उड़ाया जा रहा था।
लोग रात दो बजे भी घरों से मय परिवार के झांकियां देखने निकल रहे थे।
चल समारोह में रात दो बजे के बाद तक झांकियां शामिल होती रहीं। प्रेमपुरा तक सुबह तक ही पहुंच सकेंगी।
रात 12 बजे तक करीब पांच सौ छोटी-बड़ी गणपति प्रतिमाएं झील में विसर्जित हो चुकी थीं। प्रेमपुरा, खटलापुरा, रानी कमलापति समेत अन्य सभी घाटों पर प्रतिमा विसर्जन के लिए नावों और क्रेन का प्रबंध किया गया था। गोताखोर व पुलिस के जवान भी तैनात थे।
कई गणेश प्रतिमाएं ठेलों पर तो कुछ लोडिंग आटों में सजा कर लाई गईं थीं।
अखाड़े वालों ने साहसिक करतबों का प्रदर्शन किया।
कमला पार्क, प्रेमपुरा घाट व खटलापुरा क्षेत्र में चाय, चाट, मिठाई, नमकीन व खिलौनों की दुकानें लगी हुई थीं।