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भाजपा ने भी उतारा अपना युवराज

नई दिल्ली/लखनऊ. युवराजों के इस दौर में भाजपा ने भी एक युवराज के आने का ऐलान कर दिया है। कांग्रेस में राहुल गांधी को महासचिव पद का ताज पहनाए जाने के बाद भाजपा ने सोमवार देर रात पार्टी अध्यक्ष राजनाथ सिंह के 29 वर्षीय बेटे अमित सिंह को उप्र भाजपा युवा मार्चा के अध्यक्ष पद की कमान सौंप दी।

इसे उत्तरप्रदेश में राहुल के जवाब के तौर पर देखा जा रहा है। इसके बाद भाजपा के एक नेता ने यह रोचक एसएमएस तैयार किया, फिर तो इसे भेजने का सिलसिला ऐसा शुरू हुआ कि मंगलवार सुबह तक यह पार्टी में चर्चा का सबसे दिलचस्प विषय बन गया।

मुझे तो बाद में पता चला : राजनाथ भाजपा अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने 'डीएनए-भास्कर' से बातचीत में कहा, 'पंकज को संगठन की जिम्मेदारी देने के बारे में मुझे तो तब पता चला जब पार्टी इस बारे में पहले ही फैसला ले चुकी थी। पार्टी पंकज को उत्तरप्रदेश चुनावों में प्रत्याशी बनाना चाहती थी, लेकिन उसने मना कर दिया। मैं भी चाहता था कि वह पहले संगठन के लिए काम करे। उसकी इच्छा भी यही थी।'

हार का डर था पार्टी में राजनाथ के विरोधियों का कहना है कि पंकज वाराणसी की चिरईगांव सीट से लड़ना चाहते थे, लेकिन बसपा के बागी उम्मीदवार से जोड़-तोड़ नहीं की जा सकी, फिर आंतरिक सर्वे में पता चला कि यदि पंकज ने चुनाव लड़ा तो वे हार जाएंगे। इसके बाद राजनाथ ने उन्हें चुनाव लड़ने की इजाजत नहीं दी।

महासचिव पद नहीं लिया राजनाथ के एक करीबी सहयोगी के मुताबिक युवा मोर्चा के प्रमुख अमित ठक्कर पंकज को राष्ट्रीय महासचिव बनाना चाहते थे। उन्होंने राजनाथ पर काफी दबाव भी बना रखा था, लेकिन पंकज इसके लिए तैयार नहीं थे। उन्हें डर था कि ऐसा करने से उन पर वंशीय राजनीति का आरोप लग सकता है।

आखिर क्या है पंकज की प्रोफाइल * पंकज ने एमबीए किया है। उनकी शादी जाने-माने शूटर जसपाल राणा की छोटी बहन सुषमा से हुई है। सुषमा भी शूटर हैं। वे कामनवैल्थ गेम्स में स्वर्ण पद जीत चुकी हैं। पंकज ने कॉरपोरेट जगत में जाने की बजाय राजनीति में आने का फैसला खुद लिया है।





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