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शिक्षक चढ़े टंकी पर

कपूरथला . कपूरथला में अपने साथी शिक्षकों को छुड़वाने के लिए कुछ शिक्षक पानी की टंकी पर चढ़ गए। नीचे खड़े अधिकारी उन्हें मनाने में लगे रहे तो अध्यापक अपनी बात पर अड़े रहे। एसडीएम के आदेश पर गिरफ्तार शिक्षकों को छोड़ने और प्रधान प्रितपाल सिंह से बात करने के बाद ही शिक्षक टंकी से नीचे उतरे।

अधिकारियों के उड़े होश मंगलवार को ईजीएस अध्यापकों ने शिक्षा मंत्री उपिंद्रजीत कौर के निवास स्थान पर धरना देना था। पुलिस ने अध्यापकों को ऐसा करने से मना किया और न मानने पर उनसे हाथापाई की। करीब 90 अध्यापकों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अत्याचार के खिलाफ आवाज उठाने और मांगें शिक्षा मंत्री तक पहुंचाने के लिए नौ अध्यापक पानी की टंकी पर चढ़ गए और आत्महत्या की धमकी दी। खबर मिलते ही अफसरों के होश उड़ गए।

एसडीएम गुरप्रीत सिंह खैहरा और एसपी हैडक्वार्टर चरणजीत कुमार व डीएसपी सुखदेव सिंह छीना के नेतृत्व में पुलिस मौके पर पहुंची। एसडीएम ने टंकी पर आने की बात कही तो अध्यापक भड़क गए। कमलजीत कौर ने चेतावनी दी कि अगर कोई अधिकारी टंकी पर चढ़ा तो वह कूदकर आत्महत्या कर लेगी। यह सुनते ही एसडीएम ने तुरंत सभी अध्यापकों को रिहा करने और प्रधान प्रितपाल सिंह को बुलाने के आदेश दिए।

प्रधान की बात का रखा मान ईजीएस शिक्षिकों के पंजाब प्रधान प्रितपाल सिंह ने जिला प्रशासन से बात करते हुए फैसला किया कि 26 सितंबर को चंडीगढ़ में 12.30 बजे शिक्षा मंत्री डा. उपिन्द्रजीत कौर से बात करवाई जाएगी। इसके बाद उन्होंने अपने साथी अध्यापकों से टंकी से नीचे उतरने को कहा।

तीन घंटे बाद आई जान में जान :

प्रधान की बात मानकर करीब तीन घंटे बाद अध्यापक टंकी से उतरे। उसके बाद जाकर वहां मौजूद अधिकारियों की जान में जान आई। उन्हें डर था कि अगर कहीं कोई अनहोनी हो गई तो वे सरकार को क्या जवाब देंगे।

मजबूरी में किया संघर्ष : प्रदेश प्रधान प्रितपाल सिंह फाजिल्का और सुनील कुमार मलोट ने बताया कि गत 9 अगस्त को डायरैक्टर सर्व शिक्षा अभियान ने बंद किए ईजीएस केंद्रों को दोबारा चलाने के आदेश दिए थे। इसके बावजूद अभी यह केंद्र चालू नहीं किए गए हैं, जिससे शिक्षकों को संघर्ष करना पड़ा। प्रदेश वित्त सचिव बलजिन्द्र सिंह खालसा, उपप्रधान दर्शन मानसा, सचिव सुनील मनोट, कार्यकारिणी सदस्य कुलवंत कुमारी बंठिडा, लखविंद्र कौर तरनतारन, मक्खन सिंह संगरुर, पवनजीत सिंह गुरदासपुर, कुलबीर अबोहर, राजेश अबोहर, बीरपाल, गुरदीष कपूरथला, बलजीत कौर मोगा, गुरमेल सिंह अमृतसर ने कर्मचारियों को संबोधित किया।





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