जालंधर . अक्तूबर माह से शुरू हो रहे फैस्टीवल सीजन में बैंकिंग सैक्टर सस्ता होम लोन प्रोवाइड करवाने के मूड में है, जिसके लिए प्रचार इसी महीने से शुरू हो चुका है। मगर इस बार पब्लिक इसका लाभ उठाना नहीं चाहती क्योंकि उन्हें घर खरीदने के लिए रजिस्ट्री की भारी कीमत चुकानी पड़ रही है। यानि डाइट के प्राइज पर भारी पड़ रही है सर्विस।
इन्वैस्टर्स कर रहे हैं वैल्यू डाउन रैजीडेंशियल प्रॉपर्टी की डिवेलपमैंट में ठहराव आया है। इनमें लद्देवाली, नकोदर रोड व मिट्ठापुर का एरिया शामिल है। इन एरियाज में प्लाट हैं, मगर सिवाए प्रॉपर्टी इन्वैस्टर्स के इन्हें कोई खरीदार नहीं मिल रहा जिससे इन्वैस्टर्स की कमाई पर विराम लगा है। अब पैसे का सर्किल रूकने पर बिग इन्वैस्टर्स छोटे इन्वैस्टर्स की लूट कर रहे हैं।
करारनामे पर बनती कोठियां सरकार की इस नई व्यवस्था को नकार चुके डिवैलपर्स अब करारनामे पर इन्वैस्टर्स से प्रॉपर्टी लेकर उक्त एरियाज में कोठियां खड़ी कर रहे हैं, जिन्हें कुछ माह में तैयार होने पर रजिस्ट्री खरीदार के नाम करवाने की बात कहते हैं। जबकि प्लॉट में यह खरीदारी प्रॉपर्टी डीलर पहले से कर रहे हैं।
डीलर्स के लिए घाटे का सौदा जिन डीलर्स ने प्रॉपर्टी खरीदी थी इस उम्मीद थी आगे महंगी बेची जाएगी और रजिस्ट्री नहीं करवाई कि वे खरीदार के नाम करवाकर खर्च बचाएंगे। लेकिन अब खरीदार नहीं मिल रहे। इनका मानना है 25 दिन में इन्वैस्टर्स ने साइट का एवरेज 25 हजार रुपए प्रति मरला रेट गिराकर खरीद देनी शुरू कर दी है।
इंतजार है इन्हें सतकरतार प्रॉपर्टीज के करतार सिंह बताते हैं खरीदार उनसे ही रजिस्ट्री की कम कीमत सैटलमेंट की बात करते हैं। जगदंबे प्रापर्टीज के विश्वमोहन सिंह भी इन कीमतों से कमर टूटने की बात को मानते हैं। प्रॉपर्टीज के काम से जुड़े निरंजन सिंह, गुरमेल सिंह कलसी, राजेश खरबंदा, आशीष, अमित कौशिक को इंतजार है क्लेक्टर रेट कम करने पर सरकार के फैसले का।
इन्वैस्टर्स के पास भी है प्लानिंग हमारे लिए प्रॉपर्टी का राइट टाइम मायने रखता है। जब तेजी थी तो सालों से ली प्रॉपर्टी बेची और मंदी है तो खरीद में ही भलाई है।
- केशव सक्सेना व रघुबीर सिह राइसन प्रॉपर्टीज व शाह एंड संस।