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उत्साह की रोशनी

इंदौर. सोमवार की रात ट्वेंटी-20 क्रिकेट विश्वकप की जीत के नाम रही तो मंगलवार की रात शहर की 82 साल पुरानी परंपरा के उल्लास को समर्पित। कपड़ा मिलों, नगर निगम, विकास प्राधिकरण और अन्य संस्थाओं की दो दर्जन झांकियों, भजन गाने के लिए सज्जित चार गाड़ियों और 50 अखाड़ों का चल समारोह जोश के साथ सड़कों पर निकला तो पूरा शहर स्वागत को आतुर दिखा।

हमेशा की तरह भंडारी मिल रेलवे क्रॉसिंग से लेकर राजबाड़ा चौक तक झांकी मार्ग पर सड़क का कोई किनारा खाली नहीं था। झांकियों के आगे-आगे हैरतअंगेज करतब दिखाते अखाड़े, ढोल-ताशों की जोशीली थाप और बैंड-बाजों की मधुर स्वर लहरियों का अपना आकर्षण था। जगह-जगह लगे राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों के मंच से अखाड़ों के उस्ताद-खलीफाओं का स्वागत कर स्मृति चिह्न दिए गए।

शाम सात बजे के आसपास शुरू हुआ झांकियों और अखाड़ों का कारवां जैसे-जैसे आगे बढ़ता गया, रेलमपेल बढ़ती गई। जुलूस मार्ग और उस तक पहुंचने वाले रास्तों पर रोशनी के खास इंतजाम किए थे। सुरक्षा के इंतजाम संभालने के लिए पुलिस व प्रशासन के सभी आला अफसर सड़कों पर थे। अनंत चतुर्दशी जुलूस की तैयारियों की चहल-पहल पूरे दिन बनी रही।

कहीं स्वागत मंच बन रहे थे तो कहीं बैरिकेड्स को ठीक से बांधा जा रहा था। प्रकाश व्यवस्था की टेस्टिंग भी जुलूस शुरू होने तक चलती रही। शाम होते ही जुलूस मार्ग हैलोजन और मैटल हेलाइड से रोशन हो गया। ऐसा लगा चतुर्दशी की रात कई चांद अंधेरे को जीतने के लिए उग आए हों।

हर साल शाम छह बजे झांकियां सड़क पर लाकर जुलूस शुरू कराने के लिए जिला प्रशासन काफी जोर लगाता है। इस बार ऐसा कुछ नहीं दिखा। अंधेरा होते ही आयोजकों ने खुद ही झांकियां आगे बढ़वाई। रात नौ बजे तक लगभग सभी झांकियां भंडारी मिल रेलवे क्रॉसिंग पार कर गई थीं। सबसे आगे खजराना गणोश मंदिर की झांकी थी जो 8.30 बजे चिमनबाग चौराहे पर थी।

उसके ठीक पीछे इंदौर विकास प्राधिकरण की झांकियां थीं जो 8.15 बजे डीआरपी लाइंस से आगे बढ़ी। मां कनकेश्वरी इन्फोटेक की झांकियां भी रात 8.30 बजे भंडारी मिल चौराहे पर पहुंच गई थी। उसके ठीक पीछे कल्याण मिल की झांकियां थीं।

फिर राजकुमार मिल और इंदौर नगर निगम की झांकियां थीं। ये भी रात 8.35 बजे भंडारी मिल रेलवे क्रॉसिंग व भंडारी मिल चौराहे के बीच स्नेहलतागंज के सामने थीं। रात 8.40 बजे हुकमचंद मिल की झांकियों ने भंडारी मिल क्रॉसिंग पार किया।

सबसे पीछे स्वदेशी मिल की झांकियां थीं लेकिन वे भी नौ बजे क्रासिंग पार कर गईं। रात साढ़े आठ और नौ बजे के बीच भंडारी मिल चौराहे (डीआरपी लाइंस) व रेलवे क्रॉसिंग के बीच झांकियां ही झांकियां थीं।

श्रीगणेश खजराना मंदिर की झांकियों से
झांकियों के चल समारोह का श्रीगणेश खजराना गणेश मंदिर प्रबंध समिति की झांकी से हुआ। वह शाम साढ़े छह बजे भंडारी मिल क्रॉसिंग पहुंची। राजकुमार ओवरब्रिज के नीचे बनी झांकी को एडीएम रमेश भंडारी, मंदिर प्रशासक गौतमसिंह, प्रकाश दुबे, सिद्धि विनायक भक्त मंडल के संयोजक अरविंद बागड़ी, पं. अशोक भट्ट ने पूजन कर रवाना किया।

इसी तरह मालवा मिल की झांकी पं. गोपाल शर्मा, रमेश गागरे के नेतृत्व में ठीक छह बजे मिल से बाहर हो गई लेकिन अखाड़े और माहौल नहीं होने के कारण करीब एक घंटे तक खड़ी रही। करीब आठ बजे झांकी भंडारी मिल रेलवे क्रॉसिंग पहुंची। स्वदेशी मिल की झांकी शाम करीब सात बजे से लेकर करीब डेढ़ घंटे तक कालका मंदिर के पास खड़ी रही। रात करीब साढ़े आठ बजे झांकी आगे बढ़ी।

कुछ ऐसे बना काफिला
सबसे आगे खजराना गणेश मंदिर की झांकी थी। फिर इंदौर विकास प्राधिकरण, कनकेश्वरी इन्फोटेक, कल्याण मिल, मालवा मिल, राजकुमार मिल, नगर निगम, हुकमचंद मिल और स्वदेशी मिल की झांकियां थीं।

दो पंक्ति में खड़ी रही झांकियां
चिकमंगलूर चौराहे से लेकर डीआरपी तिराहे से कुछ पहले तक झांकियां क्रम में थीं लेकिन इसके बाद झांकियां दो-दो की पंक्ति में हो गईं। तिराहे के एक ओर नगर निगम की झांकियां और अखाड़े आ गए जिससे राजकुमार मिल, स्वदेशी मिल की झांकियां रूक गइर्ं। निगम की झांकी आगे बढ़ी तब डीआरपी तिराहे से लेकर क्रॉसिंग तक दो पंक्ति में झांकी और अखाड़े होने से आगे बढ़ने की होड़ मच गई।

पानी आया, भीड़ इधर-उधर
राजबाड़ा क्षेत्र में रात करीब सवा ग्यारह बजे अचानक पानी आ गया। इससे झांकियों को सुरक्षित किया गया। घुड़सवार जवान और पुलिसकर्मी गीले होने से बचने के लिए पेड़ के नीचे खड़े हो गए। लोग भी सुरक्षित स्थान तलाशते रहे। ज्यादातर लोगों ने नगर निगम मार्केट में पनाह ली। करीब दस मिनट तक पानी गिरता रहा। फिर इसका असर जेलरोड के आसपास देखा गया।

स्कूल-कॉलेज और राज्य सरकारी दफ्तरों में आज अवकाश
अनंत चतुर्दशी के रतजगे के बाद बुधवार को स्कूल-कॉलेज और राज्य सरकारी दफ्तरों में स्थानीय अवकाश रहेगा। यह जिला प्रशासन ने घोषित किया है। केंद्र सरकार के दफ्तर और वित्तीय संस्थान इससे मुक्त रहेंगे। ज्यादातर निजी स्कूलों ने भी अवकाश घोषित किया है।





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