सिरसा. डेरा सच्चा सौदा में एक साध्वी की तलाश करने आए हाईकोर्ट द्वारा नियुक्त वारंट अफसर को खाली हाथ लौटना पड़ा। डेरे में उक्त साध्वी नहीं मिली। बठिंडा के गांव दूनेवाला निवासी सुखजीत कौर ने 24 सितंबर को हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। आरोप था कि उसकी लड़की सुमिंदर कौर को डेरे में बंधक बनाकर रखा गया है।
सुखजीत कौर ने हाईकोर्ट से उसकी लड़की को डेरा से मुक्त करवाने की गुहार की थी। याचिका पर सुनवाई करते हुए जस्टिस एमएम अग्रवाल ने सुमिंदर कौर की तलाशी के लिए सर्च वारंट जारी करके मनदीप सिंह को वारंट अधिकारी नियुक्त किया था। मनदीप सिंह सोमवार रात सुमिंदर कौर की मां सुखजीत कौर व एक रिश्तेदार मोहन सिंह के साथ सिरसा पहुंचे।
यहां पर रात 11.45 बजे उन्होंने सदर पुलिस थाने में अपनी उपस्थिति दर्ज करवाई तथा डीएसपी मुख्यालय प्रताप सिंह, सदर थाने के अतिरिक्त एसएचओ राम सिंह के साथ डेरा में गए। वहां पर उन्होंने गुफा के साथ बने साध्वियों की रिहायश में सुमिंदर कौर की तलाश की लेकिन वहां सुमिंदर नहीं मिली। सुमिंदर की कल्याण नगर स्थित उसकी मौसी के घर पर भी खोज की गई लेकिन वहां भी ताला लगा था।
सदर थाना के अतिरिक्त एसएचओ राम सिंह ने पत्रकारों को बताया कि डेरे में वारंट अधिकारी के साथ साध्वी सुमिंदर कौर की तलाश की गई लेकिन वह वहां पर नहीं मिली। उन्होंने कहा कि जांच में डेरा की प्रबंधक कमेटी द्वारा पूरा सहयोग दिया गया। करीब तीन घंटे की जांच के बाद मंगलवार तड़के 3.05 बजे सर्च अधिकारी यहां से चले गए।
डेरे में हजारों श्रद्धालु आते हैं। यहां किसी को बंधक बनाकर या जबरदस्ती नहीं रखा जाता है। सुमिंदर कौर भी अपनी मौसी के साथ डेरा में आती थी, लेकिन सुमिंदर को डेरे में बंधक बनाकर रखने की बात झूठी । -पवन इंसां, प्रवक्ता, डेरा सच्चा सौदा सिरसा