उदयपुर. उदयपुर निवासी 13 वर्षीय अंशुल सामर सबसे कम उम्र के चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (सीईओ) बन गए हैं। उन्हें अमेरिकी कंपनी एलिमेंटो में यह
जिम्मेदारी मिली है। इतना ही नहीं उन्होंने ऐसी तकनीक विकसित की है, जिससे कठिन समझे जानी वाली केमेस्ट्री बच्चों को आसान लगेगी। अमेरिका में इस तकनीक ने धूम मचा रखी है।
अंशुल ने ऐसा कार्ड बनाया है, जिससे खेल-खेल में केमेस्ट्री सीखी जा सकती है। उनके पिता विपिन सामर और माता प्रतिभा सामर हैं। इनका यहां पोलोग्राउंड में मकान हैं, लेकिन फिलहाल दोनों अमेरिका में ही हैं। विपिन सामर केलिफोर्निया में ओरेंकल कंपनी में वाइस चेयरमैन हैं। उनकी पढ़ाई भी उदयपुर में हुई है।
अंशुल के नाना प्रतापनगर निवासी डॉ. आर. एम. लोढ़ा ने बताया कि नए आविष्कार के बाद अंशुल चाहता है कि वह भारत आकर अपने ज्ञान को बांटे, क्योंकि यहां इसकी ज्यादा जरूरत है। वह जुलाई 2008 में उदयपुर आएगा। उस दौरान स्कूली बच्चों के लिए गेम का प्रदर्शन किया जाएगा।
मां प्रतिभा ने यहां होमसांइस कॉलेज से फूड साइंस में एमएससी किया। अंशुल की प्रतिभा पर उसके नाना बताते हैं कि वह बाल्य अवस्था से ही अटपटे सवाल करने लगा था। मां को केमेस्ट्री के एक सवाल का जवाब नहीं आया तो उसने कहा कि जब एमएससी फस्र्ट क्लास को इतनी दिक्कत आती है तो छात्रों की क्या स्थिति होती है। यही सोचकर उसने केमेस्ट्री को सरल बनाने की ठान ली और इसे मूर्तरूप भी दिया।