अजमेर. स्वतंत्रता सेनानी वैद्य ज्योतिस्वरूप व्यास व पुष्कर विधायक डॉ. श्रीगोपाल बाहेती के साथ सोमवार देर रात जेएलएन अस्पताल में पुलिस के बल-प्रयोग के कारण विधायक डॉ. बाहेती की पसली में फैरक्चर हो गया।
संभागीय आयुक्त दीपक उप्रेती ने इस मामले को अफसोसनाक बताते हुए कलेक्टर से तत्काल तथ्यात्मक रिपोर्ट तलब की है। व्यास सोमवार को अनुदानित शिक्षकों के समर्थन में एक दिन के अनशन पर बैठे थे। देर रात उनका ब्लड प्रेशर बढ़ने पर डॉक्टरों ने उन्हें अस्पताल में भर्ती कराने की सलाह दी थी।
व्यास के मेडिकल चैकअप और अस्पताल में भर्ती होने से इनकार करने पर पुलिस ने उन्हें जबरन उठाकर अस्पताल पहुंचाया। आंदोलनरत अनुदानित शिक्षाकर्मी भी अस्पताल पहुंचे और पुलिस के रवैये पर रोष जताया। देररात व्यास की तबियत पूछने पहुंचे विधायक डॉ. बाहेती उन्हें वार्ड से बाहर खुली हवा में लाने लगे तो पुलिस ने व्यास और डॉ. बाहेती से र्दुव्यवहार किया।
पुलिस ने दोनों को धक्का दे दिया जिससे वे पलंग पर गिर पड़े। पुलिस के बल प्रयोग से व्यास का ब्लड प्रेशर 130 से बढ़कर 230 हो गया और डॉ. बाहेती की पसली में चोट आई है। पुलिस के व्यवहार से खफा डॉ. बाहेती ने देर रात संभागीय आयुक्त को फोन पर शिकायत की। उप्रेती ने तत्काल पुलिस व प्रशासनिक अफसरों को डांट लगाई और स्थिति को नियंत्रित करने के निर्देश दिए। दिलचस्प बात रही कि स्वतंत्रता सेनानी को जबरन उठाकर अस्पताल लाने वाली पुलिस ने सुबह माहौल खराब होने की आशंका को देखते हुए व्यास को सुबह पांच बजे वापस धरना स्थल पर पहुंचा दिया।
संभागीय आयुक्त ने कलेक्टर नवीन महाजन को लिखे डीओ लैटर में विधायक व स्वतंत्रता सेनानी के साथ पुलिस व्यवहार पर अफसोस जताते हुए कलेक्टर को मामले की तथ्यात्मक रिपोर्ट तत्काल पेश करने को कहा है।
* मैं दिनभर न्यास की बैठक में व्यस्त था, मुझे पत्र नहीं मिला है। मामले की जांच कर रिपोर्ट पेश कर दी जाएगी।
-नवीन महाजन, कलेक्टर, अजमेर