जोधपुर. इलाज में ढील बरतने के मामले में मरीज के परिजनों ने सोमवार देर रात एक रेजिडेंट डॉक्टर की पिटाई कर दी। इस घटना से गुस्साए रेजिडेंट डॉक्टर मंगलवार को अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए। रेजीडेंट डॉक्टरों का कहना है कि मारपीट के आरोपी की गिरफ्तारी से लेकर उनकी अन्य मांगों को पूरा नहीं करने तक हड़ताल जारी रहेगी।
रेजिडेंट डॉक्टर्स के मूक समर्थन में अधिकांश सीएएस पीजी भी मंगलवार को छुट्टी पर रहे। ऐसे हालात में मेडिकल कॉलेज से संबंधित तीनों अस्पतालों की चिकित्सा व्यवस्था मंगलवार को चरमरा गई। अस्पताल प्रशासन ने इस मामले में मरीज लड़की के परिजनों के खिलाफ मारपीट करने का मुकदमा दर्ज कराया है।
महात्मा गांधी अस्पताल के इमरजेंसी में सोमवार की रात करीब दो बजे कुछ लोग एक बीमार बालिका को लेकर आए। वहां तैनात डॉ. सीताराम ने उपचार शुरू किया, लेकिन मरीज के परिजन संतुष्ट नहीं हुए। उपचार में ढील बरतने की बात को लेकर उन्होंने डाक्टर सीताराम के साथ मारपीट की। इस घटना के बाद रात को ही तीनों अस्पतालों के रेजिडेंट डाक्टर हड़ताल पर चले गए।
मंगलवार को एमजीएच अधीक्षक डाक्टर डीआर माथुर के साथ हुई रेजिडेंट डाक्टरों की मीटिंग हुई। रेजिडेंट डाक्टरों का कहना था कि आरोपियों को गिरफ्तार किया जाए। इसके साथ ही अस्पताल में सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता की जाए। जब तक ये मांगे नहीं मानी जाएगी तब तक रेजिडेंट डाक्टर्स हड़ताल पर रहेंगे।
कैसे हुआ घटनाक्रम
रात करीब दो बजे मेड़ता निवासी प्रेमराज अपनी चौदह वर्षीया बेटी ज्योति को लेकर एमजीएच इमरजेंसी पहुंचा। डा. सीताराम ने मरीज को ऑब्जर्वेशन पर लिया और देखने के बाद इंजेक्शन मंगवाया। मरीज के परिजनों ने उक्त इंजेक्शन मेड़ता से लगाकर आने की बात कही। इस बात को लेकर डाक्टर और मरीज के परिजनों के बीच कहासुनी हो गई। इस दौरान वहां पर खड़े कुछ लोगों ने डा. सीताराम की पिटाई कर दी। बीच बचाव करने आए दूसरे डाक्टर सहित अन्य कर्मचारियों के साथ भी धक्का मुक्की की गई। इस घटना के बाद एमजीएच के रेजिडेंट डाक्टर हड़ताल पर चले गए। दोपहर दो बजे से सीएएस पीजी डाक्टर भी छुट्टी पर चले गए। जबकि सवेरे पांच बजे मरीज ज्योति की तबियत ठीक होने पर परिजन उसे लेकर घर चले गए।
* रेजिडेंट डॉक्टर्स को समझाया है मगर उनका कहना है कि आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद ही काम पर लौटेंगे। हमने पुलिस को मुकदमा दर्ज करने के लिए रिपोर्ट दे दी है। अस्पतालों में वैकल्पिक व्यवस्था कर दी गई है और मेडिकल ऑफिसर्स सहित अन्य डॉक्टरों की ड्यूटी लगा दी है।
—डॉ. डीआर माथुर एमजीएच अधीक्षक
* जब तक आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया जाएगा और तीनों अस्पतालों की सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता नहीं हो जाती तब तक हड़ताल जारी रहेगी।’
— डॉ. रामनिवास अध्यक्ष, रेजिडेंट डॉक्टर्स एसो. जोधपुर