HomeNewsRajasthanJodhpur Jodhpur

गणपति बप्पा मोरया..

जोधपुर. अनंत चतुर्दशी के अवसर पर मंगलवार को शहर के प्राचीन जलाशय गुलाब सागर में शहर के विभिन्न स्थानों से जुलूस के साथ लाई गई गणोश प्रतिमाओं ganeshका विसर्जन धूम-धाम से किया गया। पुलिस लवाजमे के बीच दोपहर बारह बजे शुरू हुआ विसर्जन समारोह शाम तक चरम पर पहुंच गया। हर तरफ गणपति बप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आ, के जयकारे गूंज रहे थे। अबीर गुलाल उड़ते हुए श्रद्धालुओं की भीड़ से शहर की सड़कें लाल हो गईं।

जुगाड़ पर गणोश
गणोश चतुर्थी के अवसर पर शहर के विभिन्न स्थानों पर दस दिन पूर्व स्थापित गणोश प्रतिमाओं के जुलूस गुलाबसागर में विसर्जन स्थल पर दोपहर 12 बजे से आने शुरू हो गए। विभिन्न साइज के गणपति विग्रह कोई ट्रैक्टर ट्रालियों पर विराजमान, कोई खुली जीप में तो कोई लग्जरी कार में थे। कोई गणपति विग्रह कार की डिक्की पर यहां तक कि हाथ ठेलों, मोटर बाइक के साथ पैदल चलकर आए श्रद्धालुओं के हाथों में करीब तीन सौ से अधिक गणोश प्रतिमाओं का विसर्जन नाचते गाते, गुलाल अबीर उड़ाते किया गया। प्रदेश में वाहनों की सघन जांच करने का दम भरने वाली ट्रैफिक पुलिस के मेला स्थल पर नाकाबंदी के बीच में से व्यापार संघ सरदारपुरा के श्रद्धालुओं ने गणपति विग्रह का जुलूस एक सजे-धजे जुगाड़ पर निकाला तथा गुलाबसागर में विसर्जन किया।

आरएसी की नौका तैनात
विसर्जन के दौरान आरएसी की मोटरबोट गुलाबसागर में तैनात रही। विसर्जन के समय लकड़ी से बने विसर्जन मंच के साथ नौका भी उसके इर्द-गिर्द चक्कर काटती रही। किसी भी संभावित दुर्घटना पर चार गोताखोरों के साथ तैयार रही।

तैराकों ने लगाए गंठे
गुलाबसागर के किनारे स्थित अखाड़ों की तरफ कई तैराकों ने 20-30 फीट की ऊंचाई से गंठे लगाए तथा अनेक तैराक ट्यूब लेकर गुलाब सागर में तैरते रहे। शाम होने तक लोगों को सरोवर में तैरते हुए फव्वारों के चलने का इंतजार रहा।

दर्शकों को भगाने का आरोप
हिंदू सेवा मंडल के अध्यक्ष तथा मेला समिति के संयोजक वीरेन्द्र देव अवस्थी ने पुलिस पर आरोप लगाया है कि मेला स्थल से गणपति मूर्तियों के जुलूस के साथ आए श्रद्धालुओं को पुलिस ने खदेड़ दिया। उन्होंने कहा कि हमारे कार्यकर्ता पूरी तरह सौंदर्यीकरण के लिए लगाई गई जालियों की सुरक्षा करने को तैयार थे, इसके बावजूद लोगों को मेला स्थल पर ठहरने नहीं दिया गया। धीरे धीरे प्रशासन मेलों में सहयोग करने की बजाए लोगों को खदेड़ने की नीति पर ज्यादा अमल करने लगा है।

दो बजे तक दो सौ मूर्तियां विसर्जित
मुहूर्त ढाई बजे तक ही होने के कारण दो बजे तक ढाई सौ से ज्यादा मूर्तियों का विसर्जन गुलाब सागर में किया जा चुका था। शाम पांच बजे तक गुलाबसागर क्षेत्र सूना-सूना सा रहा। गुलाब सागर में विसर्जन के लिए पहुंची करीब दस-बारह प्लास्टर ऑफ पेरिस से बनी प्रतिमाओं को पानी में विसर्जन से रोका तथा अन्यत्र कहीं विसर्जन करने के लिए कहा।

कायलाना में नहीं करने दिया विसर्जन
कुछ लोग मूर्तियां लेकर कायलाना चले गए। वहां सुबह से ही सूरसागर थानाधिकारी पुलिसकर्मियों व आरएसी के जवानों के साथ मुस्तैद थे। पुलिस ने उन्हें झील में मूर्तियां विसर्जित नहीं करने दी। चांदपोल में एक मूर्ति स्थापित की गई थी, उसका विजर्सन पुलिस ने चांदपोल की पहाड़ियों में स्थित छोटे से तालाब में करवाया।

सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
सिटी एसपी हवासिंह घुमरिया ने सभी थानाधिकारियों की बैठक लेकर उन्हें पुख्ता सुरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए मुस्तैद रहने के निर्देश दिए। जिन जल स्रोतों का पानी पीने के काम आता है, वहां पुलिसकर्मी तैनात कर दिए। गुलाबसागर पर आरएसी का पर्याप्त जाब्ता तैनात किया तथा आरएसी के तैराक व उनकी बोट भी लगाई गई। सुरक्षा प्रबंधों के कारण किसी प्रकार का हादसा नहीं हुआ। और जुलूस भी शांतिपूर्वक निकल गए।





अपने विचार यहां लिखें
नाम:
ईमेल आईडी:
भाषा चुनॆ
हिन्दी रॊमन‌ हिन्दी फॊनॆटिक English
विचार:
कोड: