HomeNewsRajasthanKota Kota

सभी के मन भाए गणपति

कोटा. सजी-धजी श्रंगारित गणपति की प्रतिमाओं ने सभी के मन लुभा लिए। अनंत चतुर्दशी के जुलूस में शामिल हर एक झांकी में गणोश जी को आकर्षक ढंग से ganeshसजाया गया था। उनकी झांकियां शाम होते ही विद्युत रोशनी से जगमगा उठी। झांकियों में छोटे-छोटे गणपति से लेकर विशाल गणोश प्रतिमाएं शामिल थीं। जिन्हें श्रद्धा व आस्था के साथ गणोशजी के भजनों के बीज विसर्जन के लिए ले जाया जा रहा था।

इन झांकियों में कोई गणोशजी घोड़ों के रथ पर सवार थे तो कोई अपने वाहन मूषक के साथ विराजमान थे। गणोश चतुर्थी पर शहर के विभिन्न गणोश मंडलों और अखाड़ों की ओर से गणपति स्थापना की गई थी, जिन्हें मंगलवार को अनंत चतुर्दशी के जुलूस में शामिल किया गया। अगले वर्ष फिर से आने का वचन लेकर सभी गणपति की प्रतिमाओं को विसर्जित किया गया।

विशाल गणपति बने आकर्षण का केंद्र
छावनी स्थित गणोश मित्र मंडल की ओर से जुलूस में 12 फीट ऊंची विशाल गणपति की झांकी शामिल हुई। जिसे महिला व बच्चे रस्सी की मदद से गणपति के जयकारे लगाते हुए खींच रहे थे। पुरी में भगवान जगन्नाथ जी के रथ की तरह गणोश जी की यह झांकी सभी को आकर्षित कर रही थी। झांकियों की लंबी श्रंखला में भी यह झांकी दूर से ही नजर आ रही थी।

रुई के शिवलिंग में गणोश
झांकियों में एक झांकी अनोखी थी, जिसे रुई से बनाया गया था। इसमें एक आकर्षक शिवलिंग बनाया गया था, उसी में एक ओर का रूप गणोशजी का दिया गया था और शेष तीनों दिशाओं में शिवलिंग बना हुआ था।

मूंगफली के गणोश और शिवलिंग
जुलूस में मूंगफली के गणोशजी और शिवलिंग अलग-अलग झांकियों में विराजमान थे। इसमें गणोशजी की झांकी में मूंगफली और इसके दानों का प्रयोग कर आकर्षक रूप दिया गया था। इसे तैयार करने में 25 किलो मूंगफली और छह किलो दाने इस्तेमाल किए गए हैं। यह झांकी अनंतपुरा से आई थी। जबकि शिवलिंग में सिर्फ मूंगफली का ही प्रयोग किया गया था। इसमें 25 किलो मुंगफली का प्रयोग किया गया है।

मोली के गणोश छाए
भांति-भांति के गणोशजी की झांकियों में इस बार मोली के बनाए गए गणोश सभी को आकर्षित कर रहे थे। पूजा-पाठ में प्रयोग होने वाली पवित्र मोली से बहुत खूबसूरत रूप दिया गया था।

लड्डूके गजानन
अमर निवास नवयुवक मंडल की ओर से इस बार लड्डू (नुक्ती) के गणोशजी जुलूस में शामिल हुए हैं। यह गणपति 51 किलो नुक्ती से बनाए गए थे, जो लेटे होने की मुद्रा में थे। इन गणोशजी को देखने के लिए लोगों की होड़ लगी हुई थी।

रामसेतु की झलक भी दिखी
पिछले दिनों देश भर में छाए रहे रामसेतु के मुद्दे का असर इस जुलूस में भी दिखाई दिया। वल्लभबाड़ी स्थित श्री महंत गोपालदास जय व्यायामशाला की ओर से रामसेतु की सजीव झांकी दर्शाई गई थी। जिसमें ‘हर हिंदू की महान आस्था का प्रतीक पृथ्वी के इतिहास का अकाट्य सत्य श्रीराम सेतू, छू भी नहीं सकेगा चाहे कोई भी हो राहू-केतू’ और ‘हर हिंदू की आत्मा का मान और सम्मान है रामसेतु’ नारे लिखे हुए थे।

गणोश और हनुमान का मिलन
श्री महंत गोपालदास जय व्यायामशाला की एक और झांकी सबसे अनोखी थी। जिसमें गणोश व हनुमान के मिलन के रूप में विशाल 10 फीट की मूर्ति थी। यह मूर्ति अर्धनारीश्वर की तर्ज पर बनाई गई थी, जिसमें शिव-पार्वती की जगह गणोश और हनुमान को दिखाया गया था।

कौमी एकता पर नवाजा
अनंत चतुर्दशी पर कौमी एकता की मिशाल पेश करते हुए सब्जीमंडी क्षेत्र में मुस्लिम नौजवान हिंद एकता मंच व ऐरो क्लासेज के तत्वावधान में पार्षद उमर सीआईडी के नेतृत्व में सुंदर धर्मशाला नवयुवक मंडल अध्यक्ष ब्रrादत्त शर्मा का साफा बांधकर एवं प्रतीक चिन्ह प्रदान कर सम्मान किया गया। मोहम्मद उमर ने बताया कि इस दौरान संसदीय सचिव ओम बिरला एवं श्यामसुंदर शर्मा का भी अभिनंदन किया। इस अवसर पर बशीर मोहम्मद, शाहिद पटेल, जगदीश, आफताब आदि मौजूद थे।





अपने विचार यहां लिखें
नाम:
ईमेल आईडी:
भाषा चुनॆ
हिन्दी रॊमन‌ हिन्दी फॊनॆटिक English
विचार:
कोड: