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दृढ़ इच्छा शक्ति हो तो विकलांगता बाधक नहीं

चांपा. brave कुछ ऐसा ही कर दिखाया दोनों पैर से विकलांग युवक अशोक कुमार ने। गांव खोखसा के गरीब कृषक परिवार में जन्म लेने वाले अशोक कुमार देवांगन का ६ वर्ष में ही पोलियों से दोनों पैर खराब हो गए थे।

कभी किसी के सामने हाथ नहीं फैलाने की दृढ़ संकल्प के साथ पहल ने उसके आत्मविश्वास को बढ़ाया। अशोक ने गांव में ही पान ठेला खोला व १२वीं तक पढ़ाई पूरी की। दोनों पैर से अपंग होने के कारण वह चल फिर नहीं सकता है। ट्राइसिकिल से आना जाना करता है।

इंद्रधनुष योजना का उठाया लाभ
छग निशक्त एवं वित्त विभाग निगम की योजना इंद्रधनुष की जानकारी मिलने पर वह इसका लाभ उठाने लगा है। हाल ही में जिला पंचायत सीईओ श्रीमती संगीता पी के हाथों इस योजना के तहत उसे पीसीओ आन व्हील ट्राइसिकल मिली है। आज वह अपने चलते फिरते एसटीडी-पीसीओ के साथ चांपा आया व गणोश उत्सव पर आयोजित कार्यक्रम का आनंद भी उठाया।

साथ ही राह में चलते अपने एसटीडी फोन से लोगों को बात करा अपनी आय बढ़ा रहा है। अशोक कुमार बताता है कि जीवन में किसी के सामने हाथ नहीं फैलाने के संकल्प ने उसे काम करने के लिए प्रेरित किया। गांव में पान ठेले चला ही रहा था। अब आते जाते चलित एसटीडी, पीसीओ से प्रतिदिन ३0-४0 और कमा लेता है।





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