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डीएमके के मंत्री केंद्र से हटाए जाएं

चेन्नई: भारतीय जनता पार्टी(भाजपा) अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने कहा है केंद्र को डीएमके प्रमुख एम करुणानिधि के भगवान राम के खिलाफ दिए गए बयान से स्वयं को अलग करने के साथ डीएमके नेता पर अपना बयान वापस लेने के लिए दबाव डालना चाहिए।

राजनाथ ने कहा कि अगर करुणानिधि अपनी बात पर अड़े रहते हैं तो प्रधानमंत्री को उनकी पार्टी के मंत्रियों को अपने कैबिनेट से हटा देना चाहिए। सिंह डीएमके कार्यकर्ताओं का निशाना बने भाजपा की तमिलनाडु ईकाई के मुख्यालय कमालायम में पत्रकारों से बात कर रहे थे। सिंह ने आरोप लगाया कि इस पूरे मामले में केंद्र दोहरा मापदंड अपनाते हुए ईशनिंदा को प्रोत्साहित कर रहा है। राजनाथ ने कहा कि एक ओर इस्लाम पर टिप्पणी करने वाली सलमान रश्दी की किताब सटेनिक वर्सेस को सरकार ने प्रतिबंधित कर रखा है, वहीं वह करुणानिधि को हिंदुओं की धार्मिक भावनाओं को आहत करने लिए प्रोत्साहित कर रही है। उन्होंने भाजपा कार्यालय में हुए हमने की निंदा करते हुए कहा कि भारतीय संविधान की रक्षा की कसम खाने वाले कुछ मंत्री भी इस हमले में शामिल थे। लेकिन उनकी पार्टी इस तरह की घटनाओं से भयभीत नहीं होगी।

उल्लेखनीय है कि डीएमके ने 1 अक्टुबर को तमिलनाडु बंद का आह्वान किया है। राजनाथ ने हैरत जताई कि एक सत्ताधारी पार्टी इस तरह का आह्वान कैसे कर सकती है। सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट भी बंद पर बैन लगा चुकी है।

उन्होंने कहा कि भाजपा सेतु समुद्रम प्रोजेक्ट के खिलाफ नहीं है। उसकी आपत्ति केवल रामसेतु को ध्वस्त किए जाने से जुड़ी है।





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tarun
Wednesday, 26th Sep 2007, 14:27
it better