मुंबई: वानखेड़े स्टेडियम में ट्वंटी20 विश्वकप जीतकर लौटी टीम इंडिया के वानखेड़े स्टेडियम में आयोजित स्वागत समारोह में खिलाड़ियों को पीछे धकेल बीसीसीआई के अधिकारी और महाराष्ट्र सरकार के मंत्रियों ने अगली सीटों पर कब्जा जमा लिया।
इस समारोह में सिर्फ कप्तान महेंद्र सिंह धोनी को ही अगली पंक्ति में जगह मिल सकी, बाकी सभी खिलाड़ी पिछली पंक्तियों में थे। यहां तक की बीसीसीआई के सचिव निरंजन शाह,उपाध्यक्ष ललित मोदी, राजीव शुक्ला और पूर्व बीसीसीआई प्रमुख आईएस बिंद्रा भी अगली पंक्ति विराजमान थे।
स्वागत समारोह या रैली: कहा जा रहा है कि यह पूरा समारोह बड़ी ही बुद्धिमानी से आयोजित शरद पवार की राजनैतिक रैली थी। केंद्र में मंत्री पवार महाराष्ट्र की एक बड़ी राजनैतिक ताकत हैं। उनका भाषण भी पूरी तरह से चुनावी भाषण से प्रेरित था। वे धोनी और उसकी टीम के अफ्रीका में जोरदार प्रदर्शन का पूरा श्रेय लूटने की जुगत में थे। महाराष्ट्र सरकार के गृह मंत्री आरआर पाटील ने तो अपना भाषण मराठी में ही दिया। उनका भाषण बेहद लंबा और अवसर पर बिलकुल मिसफिट था।
मराठी, अंग्रेजी बहुत हुआ अब मुझे हिंदी में बोलने दो: धोनी अपने भाषण में इस पर चुटकी लेने से नहीं चूके। वे जब बोलने आए तो उन्होंने कहा कि अंग्रेजी और मराठी में बहुत हुआ, अब उन्हें हिंदी में बोलने दिया जाए।
इस पूरे समारोह को इस तरह डिजाइन किया गया था कि लग रहा था कि सिर्फ मुंबई और महाराष्ट्र ही खिलाड़ियों का स्वागत कर रहा है। पूरा देश नहीं।