इस्लामाबाद: ट्वेंटी20 वर्ल्डकप का सोमवार को भारत और पाकिस्तान के बीच हुआ फाइनल मैच क्रिकेट था या इस्लाम का काफिरों के विरु द्ध युद्ध? मैच के बाद पराजित पाकिस्तान टीम के कप्तान शोएब मलिक की टिप्पणी से जो संदेश जाता है, वह खेल भावना के अनुरूप कतई नहीं है। मलिक के बयान पर पाकिस्तान से ज्यादा प्रतिक्रिया हिंदुस्तान में हुई है। उनकी टिप्पणी ने सभी का ध्यान खींचा है। इस पर पाकिस्तानी मीडिया की प्रतिक्रिया कुछ भिन्न है।
क्या कहा था मलिक ने : मैच के बाद पुरस्कार वितरण समारोह में मलिक ने कहा था, ‘मैं अपने देश-वासियों और दुनिया भर के मुसलमानों का शुक्रिया अदा करता हूं। मैं माफी चाहता हूं कि हम जीत नहीं पाए।’
बयान की निंदा : मलिक के इस बयान की भारत के जाने-माने पत्रकार वीजी वर्गीज ने कड़ी निंदा करते हुए कहा है कि यह बयान पूरी तरह से ‘गैर-जरूरी’ था। इससे सांप्रदायिकता को बल मिलेगा।
पाकिस्तान में भी तीखी प्रतिक्रिया : पाकिस्तान के पूर्व सलामी बल्लेबाज मोहसिन खान ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा है, ‘मैं समझता हूं कि मलिक इस्लाम के अनुयायी हैं। वे रोजा भी रखते हैं और पाकिस्तान के क्रिकेटरों का धर्म के प्रति लगाव को भी अच्छी तरह जानते हैं। उन्हें यह नहीं भूलना चाहिए था कि भारतीय टीम में दो मुसलमान लड़के भी शामिल थे।’ उन्होंने मलिक के बयान को खारिज कर देने का स़ुझाव दिया। उन्होंने कहा कि यह बयान इसलिए भी गैर-जरूरी है कि भारत में बहुत मुसलमान हैं और इस जीत के लिए उन्हें भी अपनी टीम पर गर्व है।
पाकिस्तान की अभिनेत्री रीमा ने कहा, ‘कोई भी पाकिस्तानी भारत के विरुद्ध क्रिकेट मैच को इस्लाम और काफिर के बीच युद्ध के रूप में नहीं देखता। यह सिर्फ क्रिकेट मैच है और लोग खेल का पूरा आनंद लेते हैं। इससे धर्म का कुछ भी लेना-देना नहीं है। उन्होंने कहा कि मलिक के बयान से अधिकांश मुसलमानों की सोच पर कोई फर्क नहीं पड़ता।’