ब्यावरा. कृषि कार्य करने वाले मजदूरों के लिए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने खेतिहर मजदूर योजना की घोषणा की है। इसके अंतर्गत पंजीकृत मजदूरों के बच्चों
को पहली कक्षा से ही 50रु. प्रतिमाह छात्रवृत्ति दी जाएगी।
यह योजना प्रदेश में राजमाता विजयाराजे सिंधिया के जन्म दिवस 12 अक्टूबर से लागू की जाएगी। श्री चौहान सारंगपुर में पं. दीनदयाल उपाध्याय की प्रतिमा के अनावरण समारोह में हजारों की संख्या में पहुंचे लोगों को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस योजना से खेतिहर मजदूरों को पांच तरह के लाभ मिलेंगे। कृषि कार्य में लगे प्रत्येक मजदूर को इस योजना में अपना पंजीयन कराना पड़ेगा, जिसका शुल्क १५ रुपए लिया जाएगा। पंजीयन होते ही मजदूरों के बच्चों को पहली कक्षा से ही ५क् रुपए प्रतिमाह छात्रवृत्ति दी जाएगी। मजदूर महिला के प्रसव पर महिला को ४५ दिन की मजदूरी के साथ ही पति को भी १५ दिन की मजदूरी दी जाएगी। मजदूर की मौत होने पर उसके अंतिम संस्कार के लिए दो हजार रुपए दिए जाएंगे।
उन्होने बताया कि राजस्व पुस्तक परिपत्र में संशोधन कर दिया गया है। अब प्राकृतिक आपदा पर किसी भी व्यक्ति को पांच सौ रुपए से कम का चेक नहीं दिया जा सकेगा। इसके साथ ही किसानों के लिए बलराम ताल योजना शुरू की जा रही है, जिसके तहत किसान को पचास हजार रुपए तक अनुदान दिया जाएगा। कुम्हारांे को मिट्टी, बसोर को बांस और बढ़ई को लकड़ी हर कीमत पर उपलब्ध कराई जाएगी।
श्री चौहान ने कहा कि उन्होंने रबी फसल के लिए २क्क् करोड़ रुपए का खाद आयात किया है।