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Chandigarh Chandigarh चंडीगढ़. राज्य सरकारें या राजनेता यदि ट्वेंटी20 वल्र्ड कप चैंपियन इंडियन क्रिकेट टीम को करोड़ों के इनाम देने की घोषणा कर रहे हैं तो इसमें कौन सा उनकी पॉकेट से पैसा जा रहा है। यह तो पब्लिक मनी है जो वे टीम को देकर खुश कर रहे हैं।
यह कहना है इंडियन हॉकी फैडरेशन के अध्यक्ष के.पी.एस. गिल का। टीम के चीफ कोच जोकिम कार्वाल्हो द्वारा मंगलवार को की गई टिप्पणी के बाद उनकी यह प्रतिक्रिया थी। कार्वाल्हो ने हॉकी टीम के साथ राज्य सरकारों और राजनेताओं द्वारा सौतेला व्यवहार करने का आरोप लगाया था। हालांकि गिल का कहना था कि उन्होंने अभी तक कार्वाल्हो की टिप्पणी सुनी नहीं है और न ही कार्वाल्हो से उनकी 3-4 दिन से बात हुई है।
राष्ट्रीय खेल हॉकी के साथ अच्छा बर्ताव न होने के कारण भारतीय हॉकी में सुधार नहीं हो रहा। हॉकी खिलाड़ी भी क्रिकेटरों की तरह सम्मान के हकदार हैं।
-सुरिंदर सिंह सोढी, ओलंपियन और स्वरेत्तम स्कोरर मास्को ओलंपिक
भारतीय क्रिकेट टीम सम्मान की हकदार है, पर ऐसा ही बाकी खेलों के साथ भी होना चाहिए। हॉकी की दुर्दशा के लिए फैडरेशन काफी हद तक जिम्मेवार है।
-परगट सिंह, पूर्व कप्तान, भारतीय हॉकी टीम और निदेशक खेल विभाग, पंजाब
भारतीय हॉकी टीम ने एशिया कप के फाइनल में दक्षिण कोरिया जैसी मजबूत टीम पर एकतरफा जीत दर्ज कर नया इतिहास रचा था। लेकिन किसी भी सरकार ने इन खिलाड़ियों का सम्मान न कर इन खिलाड़ियों की बेइज्जती की है। -बलजीत सिंह ढिल्लों, पूर्व कप्तान, भारतीय हॉकी टीम
एशिया कप जीतने के बाद आस जगी थी कि शायद भारतीय हॉकी अपने सुनहरे इतिहास को वापस ले आए। लेकिन उसके खिलाड़ियों को कोई भी सम्मान न देना उनका मनोबल तोड़ देगा। अगर हॉकी खिलाड़ी भूख हड़ताल पर जा रहे हैं तो यह सभी हॉकी प्रेमियों के लिए शर्म की बात है।
-बलजीत सिंह सैनी, ओलंपियन और सदस्य एशियाई खेल स्वर्ण पदक विजेता भारतीय हॉकी टीम