अमृतसर. यह महज इत्तेफाक नहीं, बल्कि हकीकत है कि जिससे भी पूछो कि शहर में कहां है ‘टूरिस्ट इन्फर्मेशन सेंटर’, तो उसका जवाब मिलता है पता नहीं। ऐसा सवाल बुधवार करीब 50 लोगों से पूछा गया, हैरत की बात है कि सभी ने यही कहा कि पता नहीं। जब रात को शहर के पहले नागरिक मेयर श्वेत मलिक से यही सवाल किया तो उन्होंने भी ‘पता नहीं’ कहकर इस बात पर मोहर लगा दी कि वाकई में सेंटर के बारे में शहर के ही अधिकतर लोगों को ही नहीं मालूम है।
ऐसी स्थिति के लिए पूरी तरह से सेंटर और संबंधित विभाग के उच्चधिकारी जिम्मेदार है क्योंकि रेलवे स्टेशन के बाहर स्थित यह सेंटर, गली के अंदर जाकर एक नुक्कड़ में। बाहर किसी तरह का कोई होर्डिग या बोर्ड नहीं है और न ही विभाग ने यहां होर्डिग या बोर्ड लगाने की जहमत उठाना गंवारा समझा।
नतीजा यह है कि सेंटर के आसपास के लोगों को ही नहीं मालूम चल पाता कि ‘बगल’ में टूरिज्म इन्फर्मेशन सेंटर भी है। ऐसे में हम कैसे उम्मीद कर सकते हैं कि बाहर से आने वाले पर्यटकों को इसका पता चल पाता होगा।.. तो फिर पंजाब गवर्नमेंट के ऐसे विभाग का क्या फायदा, जिसका लाभ नागरिक उठा ही न सकें।