अमृतसरश्री दरबार साहिब देखने के लिए रोजाना 70 हजार लोग आते हैं। इस वजह से शहर में एविएशन, होटल और हॉस्पिटेलिटी इंडस्ट्री का बहुत तेजी से विकास हुआ है। ऐसे में स्टूडेंट्स को इन सभी क्षेत्रों में फॉर्मल ट्रेनिंग देने के लिए गत दो साल में यहां 4 एविएशन और हॉस्पिटेलिटी इंस्टीट्यूट्स खुल चुके हैं। पर्यटन की दृष्टि से इस वक्त शहर में सबसे अधिक नौकरियों के साधन उपलब्ध हो चले हैं।
शहर में पर्यटकों के आने से विदेशी करंसी का भी स्टॉक जमा हो रहा है। भारत से विदेशों में बसे लोग और विदेशों से भारत में घूमने आए लोग मनी एक्सचेंज कंपनियों तथा छोटी दुकानों को मिलाकर लगभग 25 से 30 लाख रुपए का एक्सचेंज करते हैं। यह राशि पिछले कुछ साल से बढ़ती जा रही है। अमृतसर ऐतिहासिक और व्यापारिक दृष्टि से मजबूत होने के कारण विदेशी पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र रहा है। इस कारण हजारों की संख्या में पर्यटकों का आना-जाना लगा रहता है और अमृतसर विदेशी करंसी इकट्ठी करने वाले शहरों में सबसे आगे निकलता जा रहा है।
राज कांटिनेंटल होटल के मैनेजर जसविंदर सिंह सालनी के मुताबिक शहर में रोजाना हजारों टूरिस्ट आते हैं। उनके लिए श्री दरबार साहिब, अंतरराष्ट्रीय सीमा अटारी बार्डर, जलियांवाला बाग आदि आकर्षण का केंद्र हैं। पर्यटक जहां आकर होटल, लॉज या फिर गेस्ट हाउस आदि में ठहरते हैं। इससे होटल इंडस्ट्री को अच्छा बिजनेस मिल जाता है।
स्टूडेंट सुमनजीत कौर कहती हैं कि इन दिनों लड़कियां हर क्षेत्र में बाजी मार रही हैं। इस बार वर्ल्ड टूरिज्म डे की थीम भी महिला सशक्तिकरण को समर्पित है। उन्होंने यह क्षेत्र इसलिए चुना कि इसमें काफी ग्लैमर है। यही नहीं इस क्षेत्र में सैलेरी पैकेज भी काफी अच्छा मिलता है।
इस साल वर्ल्ड टूरिज्म-डे की थीम महिलाओं पर आधारित है। इसकी वजह स्पष्ट है कि अब कुछ वर्षो में महिलाओं ने टूरिज्म के क्षेत्र में कई नई उपलब्धियां दर्ज करवाई हैं।