भिवानी गांव दिनोद में दलित समाज में गोत्र विवाद को लेकर दो पक्ष भिड़ गए। इसमें नवविवाहिता सहित करीब एक दर्जन लोग घायल हो गए। घायलों को सिविल अस्पताल में दाखिल कराया गया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। यह झगड़ा मेहरा व नाफरिया गोत्र के लोगों के बीच हुआ। झगड़े में नाफरिया गोत्र से नवविवाहिता सुमन देवी, जयवीर सिंह, धर्मवीर सिंह, कृष्ण कुमार, रामपाल व दुलीचंद घायल हैं जबकि मेहरा गोत्र के मुकेश, नरेंद्र व सुरेश कुमार को चोटें आई है।
नाफरिया गोत्र के विजय, पवन, सुरेश, रोहतास व राजेश ने बताया कि उनके गांव में मेहरा गोत्र के लोग अधिक हैं जबकि नाफरिया गोत्र अल्पमत में है। पिछले दिनों उनके गोत्र के जयभगवान का भिवानी के दादरी गेट में रहने वाले मेहरा गोत्र की लड़की सुमन से रिश्ता तय हुआ था। इस रिश्ते पर मेहरा गोत्र के लोगों को आपत्ति थी। इसी के चलते विवाह से एक दिन पहले 14 जुलाई को जयभगवान ने घुड़चढ़ी निकालने की कोशिश की तो विरोधी गोत्र के लोगों ने झगड़ा करने का प्रयास किया। ऐसी स्थिति में पुलिस की मदद से घुड़चढ़ी निकाली गई। सुमन व जयभगवान के विवाह के बाद मेहरा गोत्र के लोग अक्सर उनसे उलझने लगे।
बुधवार सुबह मेहरा गोत्र के लोगों ने नवविवाहिता सुमन को पत्थर दे मारा, जिससे वह घायल हो गई। जब सुमन को एक टेम्पो में भिवानी लाया जा रहा था तो विरोधी गोत्र के लोगों ने गांव के बाहर टेम्पो रुकवा लिया और लाठियों व पत्थरों से हमला कर दिया, जिसमें उनके परिवार के आधा दर्जन से अधिक लोग घायल हो गए।
दूसरी तरफ मेहरा गोत्र के घायल मुकेश, नरेंद्र व सुरेश ने बताया कि यह झगड़ा गोत्र विवाद को लेकर नहीं हुआ। नाफरिया गोत्र के युवक उनके परिवार की महिलाओं पर फब्तियां कसते थे। इन युवकों को कई बार रोका गया लेकिन वे अपनी हरकतों से बाज नहीं आए। इसी कारण उन लोगों ने परिवारिक सदस्यों पर हमला कर दिया। इसी बीच पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने घायलों के बयान दर्ज कर लिए हैं। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति सामने आएगी।