नई दिल्ली: कपिल देव के बाद भारत के दूसरे विश्व चैंपियन कप्तान बने महेंद्र सिंह धोनी को आस्ट्रेलिया के खिलाफ शनिवार से शुरू होने वाली सात मैचों की एकदिवसीय श्रृंखला में भी कपिल का करिश्मा दिखाना होगा।
कपिल देव की कप्तानी में भारत ने 1983 में विश्व कप जीता था जबकि अब धोनी की अगुवाई में भारत ने पहले ट्वेंटी . 20 विश्व कप को अपने नाम किया। धोनी को अब मजबूत आस्ट्रे लिया की चुनौती का सामना करना होगा जो दोनों देशों के बीच खेली गयी द्विपक्षीय एकदिवसीय श्रृंखलाओं में अब तक केवल एक बार पराजित हुआ है और तब कप्तान कोई और नहीं बल्कि कपिल देव थे।
भारत और आस्ट्रेलिया के बीच यूं तो अब तक 83 एकदिवसीय मैच खेले गये हैं जिनमें कंगारूओं का पलड़ा बहुत भारी है। आस्ट्रेलिया ने इनमें से 51 मैच जीते जबकि भारत केवल 27 में जीत दर्ज कर पाया। लेकिन जहां तक द्विपक्षीय श्रृंखलाओं का सवाल है तो दोनों देशों के बीच केवल तीन बार ऐसी श्रृंखलाओं का आयोजन किया और इस बार की तरह पिछले तीनों अवसरों पर भी मेजबान भारत ही था। भारतीय टीम जब भी आस्ट्रेलिया गयी तब उसने त्रिकोणीय श्रृंखला में भाग लिया। इन तीन श्रृंखलाओं में से आस्ट्रेलिया ने दो में जीत दर्ज की जबकि 1986 में कपिल की टीम ने एलन बोर्डर की टीम को 3-2 से हराकर इतिहास रचा था। कपिल की तरह भारत को विश्व चैंपियन बनाने के बाद क्या धोनी उनकी एक और उपलब्धि की बराबरी कर पाएंगे।