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Madhya Pradesh
Gwalior Gwalior शिवपुरी. आजादी के 60 साल बाद भी दलित को हक मांगने पर सजा मिलती है। ऐसा ही हृदय विदारक घटनाक्रम पिछोर अनुविभाग के लोहरचा चका गांव में बुधवार की शाम हुआ, जहां दो दबंगों ने एक दलित आदिवासी की आंख फोड़ दी और एक को लाठियों से पीट-पीटकर मौत के घाट उतार दिया।
इस हमले में गंभीर रूप से घायल दो दलित ग्रामीणों को ग्वालियर के जेएएच में दाखिल कराया गया है। पुलिस ने हमलावरों के खिलाफ भादंवि की धारा 302, 307, 294, 34 का मामला दर्ज कर एक आरोपी को हिरासत में ले लिया है।
घटनाक्रम के मुताबिक 26 सितंबर बुधवार की शाम पिछोर अनुविभाग के मायापुर थानाक्षेत्र के गांव पिपरौदी उबारी से बाजार करने के बाद चार ग्रामीण अमरू (65) पुत्र इमरत आदिवासी, रमेश (50) पुत्र पन्नू आदिवासी, पातीराम (42) पुत्र कलुआ आदिवासी और बाबू आदिवासी अपने गांव लोहरचा चका के लिए रवाना हुए थे। बताते हैं कि मेढ़ के रास्ते जब ये गांव जा रहे थे तो रास्ते में पिपरौदा उबारी निवासी भू स्वामी बलवीर यादव और उसका बटाईदार हरनारायण उर्फ हरि साहू इन्हें टकराए।
बकौल एसडीओपी पिछोर राजेश शर्मा, अमरू आदिवासी ने भू स्वामी बलवीर यादव से उसकी पत्नी द्वारा की गई उड़द कटाई की मजदूरी के रुपए मांगे। जवाब में बलवीर ने अपने बटाईदार हरि साहू के साथ लाठी व भाले से चारों दलित ग्रामीणों पर हमला कर दिया। लाठियों से लहूलुहान अमरू आदिवासी ने मौके पर ही दम तोड़ दिया और भाले से रमेश आदिवासी की बांयी आंख फूट गई।
हमले में रमेश व पातीराम आदिवासी को इतनी गंभीर चोटें आईं हैं कि वह अब भी खतरे में हैं, जबकि बाबू आदिवासी ने भागकर अपनी जान बचाई। लोहरचा चका गांव आकर बाबू ने जब इस घटना की जानकारी दी तो गांव के लोगों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने अमरू आदिवासी के शव को मौके से बरामद किया और घायलों को जिला अस्पताल भेजा, जहां से उन्हें ग्वालियर रैफर किया गया है।
पुलिस का कहना है कि रमेश आदिवासी की बांयी आंख पूरी तरह से फोड़ दी गई है और वह गंभीर है, इसी प्रकार पातीराम के बचने की संभावनाएं भी कम ही हैं। इस घटना से इलाके में दहशत है। पुलिस ने एक हमलावर हरि उर्फ हरनारायण साहू को गिरफ्तार कर लिया है।