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Chhattisgarh
Raipur Raipur रायपुर. शासन ने इस कथित गोलमाल में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले प्रभारी कार्यपालन अभियंता एचएन गोयल, 10 सहायक अभियंताओं और एक उपअभियंता को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया। जांच में यह बात भी सामने आई कि इस कार्य का ठेका प्रभारी ईई के भाई सुरेंद्र गोयल को ही दे दिया गया। इतनी गड़बड़ियों के बावजूद उसे भुगतान भी कर दिया गया। जैसे ही काम पूरा हुआ, कुछ दिन बाद से ही नहर फूटने लगी।
खरसिया की मिनीमाता बांगो नहर संभाग क्रमांक पांच में करीब 29 हजार 210 मीटर सीमेंट कंक्रीटिंग (लाइनिंग) के काम में व्यापक पैमाने पर अनियमितताएं पाई गई हैं। शिकायत के आधार पर जलसंसाधन मंत्री हेमचंद यादव ने जांच के आदेश दिए। जलसंसाधन विभाग के प्रमुख सचिव विवेक ढांड ने उड़नदस्ता प्रभारी एसबी सोनी को आकस्मिक जांच के लिए भेजा।
मेसर्स गुडविल एडवांस कंस्ट्रक्शंस, कोटा राजस्थान के अनुबंध के तहत सुरेंद्र गोयल, श्रीनिवास एवं भास्कर राजू ने पूरा काम किया। काम अघोषित रूप से ईई एचएन गोयल ने ही लिया। उनके रिश्तेदारों और अन्य नजदीकी लोगों को इस काम से जोड़ दिया गया। उक्त नहर में कंक्रीटिंग का काम तीन टुकड़ों में किया गया। इनकी दो अलग-अलग शिकायतें हुई थीं।
जांच में लगभग सभी आरोप सही पाए गए। नहर निर्माण में सीएनएस स्वायल नहीं डाला गया। पीवीसी रबर स्ट्रिप नहीं डाली गई। ड्रेन फिल्टर नहीं डाला गया। सीमेंट कंक्रीटिंग घटिया हुई। सीमेंट की मात्रा बहुत कम पाई गई। स्पेसिफिकेशन एवं डिजाइन के अनुसार 150 माईक्रोन की लाइनिंग होनी थी, लेकिन वहां केवल 120 माइक्रोन की लाइनिंग उपयोग की गई।
विभागीय दस्तावेजों में प्रभारी ईई द्वारा समय-समय पर काम का निरीक्षण करने का उल्लेख किया गया है, लेकिन उन्होंने किसी भी काम पर आपत्ति नहीं की। और तो और, गड़बड़ियों के लिए ठेकेदार पर किसी तरह का जुर्माना नहीं किया गया और बिना दंड लगाए ही 10 करोड़ 95 लाख 80 हजार रुपए का भुगतान कर दिया गया।
उड़नदस्ता प्रभारी की जांच रिपोर्ट के आधार पर जलसंसाधन मंत्री हेमचंद यादव ने दोषी अफसरों पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। इस आधार पर संयुक्त सचिव दिलीप वासनीकर ने अफसरों का निलंबन आदेश जारी कर दिया। कहा जा रहा है कि ये गड़बड़ी केवल शिकायतों की जांच करने पर सामने आई हैं। उस क्षेत्र में हुए काम में व्यापक गड़बड़ी की आशंका है।
धान घोटाले में भी नाम
बताते हैं कि रायगढ़ जिले के धान घोटाले में भी दोषी अफसर का नाम सामने आया था। पूरे घपले में उनकी भूमिका संदिग्ध रही।
ट्रांसफर रद्द करा लिया था
राज्य शासन ने शिकायतों के आधार पर प्रभारी ईई एचएन गोयल को जुलाई में ही हटा दिया था। श्री गोयल ने कार्यभार नहीं छोड़ा और राजनीतिक पहुंच के चलते अपना तबादला रद्द करवा लिया था। रायगढ़ जिले के प्रभारी मंत्री हेमचंद यादव दौरे पर गए तो पूरे मामले का भंडाफोड़ हो गया।
निलंबित अधिकारी
प्रभारी ईई-एचएन गोयल, सहायक अभियंता-वी. नागप्पा, आरके चौदहा, शाहिद शेख, जितेंद्र नेताम, अशोक कुमार घोटे, आरपी शर्मा, एसके गोहिल, डीके पांडेय, एचएस साहू, एसआर धीवर और उपअभियंता-डीएस साहू।
कहां काम हुआ
मेसर्स गुडविल एडवांस कंस्ट्रक्शंस राजस्थान ने खरसिया ब्रांच नहर के 11 किलोमीटर से 21.875 किमी और 22.69 किमी से 24. 60 किमी तक कंक्रीटीकरण का काम किया। मेसर्स श्रीनिवास सिविल वर्क्स लिमिटेड हैदराबाद ने 24.600 किमी से 41.07 किमी तक लाइनिंग का काम पूरा किया।