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गुर्जरों को पुराने मुकदमों में गिरफ्तार करेंगे

जयपुर. हिंसक गुर्जर आंदोलन के दौरान दर्ज हुए मुकदमों के बाकी मुल्जिमों को जेल भरो आंदोलन के दौरान ही गिरफ्तार किया जाएगा। इसके लिए पूर्व में दर्ज मुकदमों और मुल्जिमों की सूचियां सभी थानों में भिजवाई गई हैं। आंदोलन के दौरान तोड़फोड़ करने पर पब्लिक प्रॉपर्टी डेमेजिंग एक्ट (पीपीडी) के तहत गिरफ्तारी होगी।

प्रमुख गृह सचिव वी.एस. सिंह ने भास्कर से कहा है कि अगर किसी गुर्जर के खिलाफ आंदोलन से पहले का मामला है तो उसकी गिरफ्तारी भी इसी दौरान होगी। जिस गुर्जर के खिलाफ पहले कोई मुकदमा नहीं है, उसे शांतिभंग के आरोप में गिरफ्तार किया जाएगा। वांछित मुल्जिम जहां भी गिरफ्तारी देंगे, उन्हें वहीं गिरफ्तार करके संबंधित थानों में भेजा जाएगा। आंदोलन के दौरान यदि कहीं तोड़फोड़ की गई तो सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के तहत पीपीडी के तहत गिरफ्तारी होगी। सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के कारण ये मुकदमे न तो वापस लिए जा सकेंगे और न ही किसी को बिना जमानत छोड़ा जाएगा।

ऐसे होगी मुल्जिमों की पहचान
जेल भरो आंदोलन के दौरान गिरफ्तारी देने वाले सभी गुर्जरों की जेल नियमों के अनुसार फोटो, नाम, पिता का नाम, व्यवसाय, स्थायी पता और हाथ के पंजे की निशानी ली जाएगी। इन्हीं के आधार पर पुराने मामलों में वांछित मुल्जिमों को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा। प्रत्येक अस्थायी जेल पर फोटो खिंचवाने की व्यवस्था होगी।

भागे तो फरारी का मुकदमा
जेल आईजी जे.के. शर्मा ने बताया कि एक बार जेल में आने के बाद यदि कोई व्यक्ति वहां से बाहर निकलने की कोशिश करेगा तो उसके खिलाफ फरारी का मुकदमा दर्ज होगा। अस्थायी जेल से बाहर आने के लिए मजिस्ट्रेट के आदेश लेना जरूरी होगा।

प्रत्येक जेल में एक हजार बंदी
अस्थायी जेलों में 750 से 1000 तक बंदियों को रखा जाएगा। एक जेल पर 75 से 80 पुलिस अफसर, होमगार्ड और जेलकर्मियों का स्टाफ लगाया जाएगा। इनमें बंदियों की सुरक्षा के लिए 30 होमगार्ड होंगे। इनके अलावा पुलिस की एक प्लाटून कानून-व्यवस्था के लिए मौजूद रहेगी। अंदर की व्यवस्था के लिए पांच लोगों को तैनात किया जाएगा।

अवमानना से बचने के लिए की अपील : गृहमंत्री
हाईकोर्ट का आदेश बताकर गुर्जरों से शांतिपूर्ण गिरफ्तारी देने की अपील जारी करने के औचित्य के बारे में गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया ने बताया कि अपील केवल इसलिए जारी की गई है, ताकि हाईकोर्ट हमसे यह न पूछ ले कि आपने कोर्ट के आदेशों का ध्यान क्यों नहीं रखा।

आंदोलनकारी नेताओं से सरकार की बातचीत चल रही है। उनकी मंशा तो गिरफ्तारियां देने की ही लग रही है।

पीले चावलों से गिरफ्तारी का न्योता
आरक्षण को लेकर 2 अक्टूबर को जेल भरने की अपील के लिए गुर्जर नेता गांव-गांव पहुंच रहे हैं। घरों की दहलीज पर पीले चावल रखे जा रहे हैं। भगवान देवनारायण का वास्ता देकर हर घर से एक गिरफ्तारी की सौगंध दिलाई जा रही है।

गुर्जर नेताओं ने चेतावनी भरे लहजे में कहा है कि सरकार आने वाली चुनौती के लिए तैयार रहे। जेल भरो अभियान की तैयारी के सिलसिले में शुक्रवार को प्रदेशभर में गुर्जरों की छोटी-बड़ी 70 सभाएं हरुई।

ये सभाएं अलीगढ़, सूतड़ा (टोंक), गंगापुरसिटी, रजवाणा (सवाईमाधोपुर), पांचना बांध (करौली), जैतारण (पाली), बानसूर (अलवर), नगर, डीग (भरतपुर), बसैड़ी (धौलपुर), शाहपुरा (जयपुर ग्रामीण) आदि स्थानों पर हरुई। गुर्जर आरक्षण संचालन समिति के डॉ. विक्रम सिंह ने कहा कि गुर्जरों की गिरफ्तारी से समाज में रोष बढ़ गया है।

कोटा आईजी ने कहा-कल की 13 गिरफ्तारियां काफी
जयपुर.
गुर्जर आंदोलन के दौरान दर्ज हुए मुकदमों में हाड़ौती में शुरू हुआ गिरफ्तारियों का सिलसिला शुक्रवार को थम गया। कोटा पुलिस रेंज के आईजी कपिल गर्ग ने बताया कि गुरुवार को 13 गुर्जरों की गिरफ्तारी की गई थी, लेकिन शुक्रवार को इसकी जरूरत नहीं समझी गई। गुरुवार को कोटा ग्रामीण, रामगंज मंडी, सुकेत और चेचट थाना इलाकों में 13 जनों को गिरफ्तार किया गया। इन गिरफ्तारियों पर गुरुवार को गुर्जर नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की थी

सवाई माधोपुर में भी गिरफ्तारियां
सवाई माधोपुर.
गुर्जर आंदोलन को देखते हुए यहां पुराने मुकदमों में गिरफ्तारियां जारी हैं। चौथ का बरवाड़ा थानाधिकारी प्रमोद शर्मा ने बताया कि गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति के अध्यक्ष रामविलास सहित तीन गुर्जरों को गुरुवार को गिरफ्तार किया गया है। बौंली के थानाधिकारी उदय सिंह ने कहा कि रवासा निवासी रेवड़मल गुर्जर, गोठड़ा निवासी रामकिशन और करेल निवासी गणपतलाल को थाना जलाने, कोर्ट में आगजनी करने और सामान लूटने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।

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