इंदौर. पानी की मोटर से फैले करंट की चपेट में आए दो सगे भाइयों की मौत हो गई। एक को पहले करंट लगा और दूसरा बचाने में मारा गया। हादसा शुक्रवार सुबह बख्तावररामनगर निवासी चौधरी परिवार में हुआ। दोपहर बाद दोनों की शवयात्रा एकसाथ निकली तो वातावरण गमगीन हो गया था।
शांतिलाल चौधरी का परिवार 46-बी, बख्तावररामनगर में रहता है। उनके दोनों विवाहित बेटे 40 वर्षीय सपन और 36 वर्षीय मनीष साथ ही रहते थे। एक बेटी भी है जिसकी शादी हो चुकी है। दोनों भाइयों की हेमिल्टन रोड पर रेडिमेड तथा खजूरी बाजार में डिस्पोजेबल आइटम की दुकान है।
सुबह 8 बजे मनीष घर पर पानी की मोटर चालू कर रहा था। तभी उसका रुमाल हौज में गिर गया। वह किसी चीज से निकालने लगा तभी करंट की चपेट में आकर हौज में गिर गया। उसकी चीख सुन बड़ा भाई सपन बाहर आया और निकालने के लिए जैसे ही हाथ आगे बढ़ाया तो उसे भी करंट लगा और वह हौज में गिर गया। दोनों के प्राण-पखेरू तत्काल निकल गए।
चीख सुनकर परिवार के लोग व पड़ोसी जुटे पर आसपास करंट फैला होने के कारण तत्काल कोई मदद नहीं कर पाया। कुछ लोग तिलकनगर स्थित विद्युत सब स्टेशन पहुंचे और बिजली सप्लाय बंद कराई। उसके बाद दोनों भाइयों को निकालकर अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टर्स ने मृत घोषित कर दिया।
एकसाथ अर्थी निकली तो फूट पड़े लोग
हादसे की सूचना जैसे ही चौधरी परिवार के रिश्तेदारों को मिली वे भी अस्पताल पहुंचे। दोपहर को पोस्टमॉर्टम के बाद दोनों के शव परिजन को सौंप दिए। शाम को दोनों की अर्थियां उठीं तो लोग फूट पड़े। घटना के बाद से चौधरी परिवार तो इतना गमगीन है कि हादसा कैसे हुआ पता लगाना पुलिस के लिए भी मुश्किल हो गया।