अजमेर.
आनासागर चौपाटी के पास शुक्रवार सुबह दो मोटर साइकिलों पर सवार चार युवकों ने एक व्यापारी से 4 लाख 64 हजार 500 लूट लिए।
लुटेरों ने योजनाबद्ध तरीके से व्यापारी की कार को टक्कर मारी और उसे रोक झगड़े पर उतारू हो गए। उनके साथी दो अन्य युवक कार में से रुपयों से भरा बैग निकाल कर रफूचक्कर हो गए। व्यापारी ने कार से उनका पीछा भी किया। पुलिस ने नाकाबंदी भी कराई, मगर लुटेरों को अता-पता नहीं चला। पुलिस के अनुसार छतरी योजना इलाके में रहने वाले सुनील लड्ढा ने दोपहर करीब पौने बारह बजे क्रिश्चियन गंज पुलिस चौकी पहुंच कर लूट की जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि ब्यावर के निकट रानीसागर में उसकी ग्राइंडिंग मिल है। किशनगढ़ में उसे करीब साढ़े चार लाख रुपए का भुगतान करना था। शुक्रवार सुबह वह घर से बैग में 2 लाख 14 हजार रुपए लेकर बैंक ऑफ बड़ौदा की वैशालीनगर शाखा गया और करीब सवा ग्यारह बजे ढाई लाख रुपए निकलवाए। एक-एक हजार और पांच-पांच सौ के नोटों की गड्डियां से भरे बैग को कार की पिछली सीट पर रख दिया। कार लेकर वह आनासागर चौपाटी के निकट पहुंचा ही था कि पीछे से मोटरसाइकिल ने टक्कर मार दी।
उस पर सवार दो युवकों ने उसे रोका और टक्कर के लिए उसे जिम्मेदार ठहराते हुए झगड़ने लगे। वह उन्हें समझाने की कोशिश कर रहा था, तभी एक अन्य मोटरसाइकिल पर सवार दो युवक कार के पास आए और कार सही तरीके से चलाने की नसीहत देते हुए चले गए। झगड़ने वाले युवक भी बाद में रवाना हो गए। उनके जाने के बाद एक ऑटो रिक्शा चालक नरेश उर्फ लखन ने उसे बताया कि मोटरसाइकिल सवार युवक कार में से बैग निकाल कर ले गए। तब उसे माजरा समझ में आया। लूटेरे वैशाली नगर स्थित माहेश्वरी पब्लिक स्कूल की तरफ भागे थे। उसने ऑटो चालक को कार में बैठाकर लुटेरों की तलाश भी की, लेकिन वे हाथ नहीं आए।
एएसपी ललित माहेश्वरी ने बताया कि शहर के सभी थाना इलाकों में नाकाबंदी कराई, वाहनों को जांच की गई। पुष्कर, नागौर और जयपुर पुलिस को भी लुटेरों के बारे में जानकारी दी गई।
ठग गिरोह पर भी शक
कोतवाली पुलिस की गिरफ्त में फंसी चोर-ठग गिरोह की चार महिलाओें के फरार पतियों का भी वारदात में हाथ होने से भी पुलिस ने इनकार नहीं किया है। तफ्तीश में इनसे खुलासा हुआ था कि गिरोह के लोगों के पास मोटरसाइकिलें भी हैं। महिलाएं शिकार को बातों में फंसाती थी, इस दौरान उनके गिरोह के दूसरे साथी मोटरसाइकिल पर आते और महिलाएं उनको सामान पार करके दे देती थीं। शुक्रवार को भी लुटेरों ने इसी तरह वारदात को अंजाम दिया।
बैंक से ही पीछे थे लुटेरे
पुलिस के अनुसार वारदात में किसी गैंग का हाथ है। बैंक से रकम निकालते वक्त लुटेरों ने व्यापारी को देख लिया था। यही से लुटेरे उनके पीछे लगे थे। उन्होंने बताया कि बैंक के क्लोज सर्किट कैमरे की जांच की गई। लड्ढा की बैंक में मौजूदगी के दौरान संदिग्ध लोगों के बारे में बैंक कर्मचारियों और बैंक के बाहर मौजूद लोगों से पूछताछ की गई।
ठग गिरोह पर भी शक
कोतवाली पुलिस की गिरफ्त में फंसी चोर-ठग गिरोह की चार महिलाओें के फरार पतियों का भी वारदात में हाथ होने से भी पुलिस ने इनकार नहीं किया है। तफ्तीश में इनसे खुलासा हुआ था कि गिरोह के लोगों के पास मोटरसाइकिलें भी हैं। महिलाएं शिकार को बातों में फंसाती थी, इस दौरान उनके गिरोह के दूसरे साथी मोटरसाइकिल पर आते और महिलाएं उनको सामान पार करके दे देती थीं। शुक्रवार को भी लुटेरों ने इसी तरह वारदात को अंजाम दिया।