नई दिल्ली. भारत के कार निर्माताओं को 2008 से कारों में एंटी लॉक ब्रेकिंग (एबीएस) तकनीक अनिवार्य रूप से लगाना होगी। फिलहाल एबीएस भारत में
अनिवार्य नहीं है। नेशनल ऑटोमोटिव टेस्टिंग एंड आरएंडडी इंफ्रास्ट्रक्चर (नेट्रिप) प्रोजेक्ट के अधिकारियों का कहना है कि कुछ महीनों में एबीएस को अनिवार्य कर दिया जाएगा।
क्या है एबीएस: एबीएस एक ऐसी तकनीक है जो ज्यादा गति वाली कार के ब्रेक लगाने पर कार को फिसलने से बचाती है। आम तौर पर गीली सतह पर ब्रेक लगाने से कारें फिसलती हैं।
क्यों हैं विरोध : कार निर्माता सभी मॉडलों में एबीएस लगाने का विरोध कर रहे हैं, क्योंकि इससे कारों की लागत बढ़ जाएगी। विरोधियों का कहना है कि भारत में सड़कें ज्यादातर समय सूखी रहती हैं। जिन विकसित देशों में एबीएस का इस्तेमाल होता है वहां साल में ज्यादातर समय सड़के गीली रहती हैं।
क्या करता है नेट्रिप: नेट्रिप प्रोजेक्ट वाहनों की टेस्टिंग, होमोलोगेशन और आरएंडडी पर काम कर रहा है। अभी पुणो की ऑटोमोटिव रिसर्च एसोसिएशन ऑफ इंडिया अकेली संस्था है जो होमोलेगेशन व शोध की सुविधाएं उपलब्ध कराती है। विकसित देशों में क्रेश टेस्टिंग और होमोलोगेशन सभी वाहनों में जरूरी होते हैं।
एंटीलॉक ब्रेकिंग: तेज गति से चल रही कार में ब्रेक लगने पर फिसलने से बचाने वाली तकनीक है। कंपनियां लागत बढ़ने के कारण इसके विरोध में हैं।
होमोलोगेशन: यह कारों को भारतीय सड़कों के अनुरूप बनाने का सर्टिफिकेशन है। घरेलू कार निर्माता आयातित कारों के लिए इन शर्तो को ढीला करने के खिलाफ हैं।