अमृतसर.
मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने कहा, भगत सिंह शहीदों के सरताज थे। देश की जनसंख्या में चाहे पंजाबियों की संख्या 2 फीसदी ही है, पर आजादी के लिए समय-समय पर कुर्बानियां देने वालों में 80 फीसदी पंजाबी ही रहे हैं। बादल ने पाटील से पंजाब को विशेष महत्व देने की अपील की। उन्होंने कहा कि हेमकुंट साहिब तक जाने के लिए पक्की व चौड़ी सड़क नहीं है। यही पर दशम् गुरु गोबिंद सिंह ने तपस्या की थी।
उन्होंने उत्तराखंड के सीएम भुवनचंद्र खंडूरी, अंबिका सोनी से भी सहयोग मांगा। इसके अलावा आनंद साहिब से हजूर साहिब तक पक्का मार्ग बनवाने की भी मांग की। पंजाब में गरीब परिवारों के लिए स्कूल खोले जाएंगे, जिसकी शुरुआत खटकड़ कलां से की जाएगी।
जाति-धर्म से ऊपर उठना होगा : पंजाब कांग्रेस की अध्यक्ष राजिंदर कौर भट्ठल ने कहा कि शहीदों के सपने साकार करने के लिए हमें जाति-धर्म से ऊपर उठ कर चलना होगा। अंग्रेजों से आजादी चाहे मिल चुकी है, किंतु आज हमारा देश कई ऐसी बुराइयों का गुलाम हो चुका है, जो लोगों के घरों को बर्बाद कर रहीं है। जरूरत है कि इन बुराइयों से लोगों को आजादी दिलाई जाए।