उदयपुर. संभागीय आयुक्त राजेश्वरसिंह ने देसूरी दुखंतिका की जांच रिपोर्ट में कुछ पुलिस व परिवहन अधिकारियों को दोषी बताया है। रिपोर्ट में भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं को रोकने संबंधी सुझाव भी दिए गए हैं।
विश्वस्त सूत्रों के अनुसार गृहसचिव को भेजी गई जांच रिपोर्ट में राजसमंद जिले के पुलिस व परिवहन अधिकारियों को दोषी माना गया है। टबरे में अवैध रूप से क्षमता से अधिक सवारियां बिठाकर लंबा रास्ता तय किया जा रहा था, लेकिन उसे रोकने के लिए किसी भी अधिकारी ने कर्तव्य की पालना नहीं की। घटना स्थल पर मौजूद ग्रामीणों के बयानों में भी पुलिस व परिवहन विभाग के अधिकारियों की लापरवाही सामने आई है।
भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं को रोकने के लिए रिपोर्ट में कुछ सुझाव दिए गए हैं। इसमें मेले और त्योहारों के लिए चलने वाले यात्री वाहनों को टेक्स फ्री करने का सुझाव महत्वपूर्ण है। संभाग में पहाड़ी मार्र्गो का सर्वे करवाकर खतरनाक मोड़ वाले रास्तों को चौड़ा करने तथा खाई व बड़े खड्डों वाले क्षेत्र में बेरिकेड लगाने के सुझाव भी शामिल हैं।
गौरतलब है कि राजसमंद व पाली के बीच देसूरी की नाल में 7 सितंबर को ओवरलोड टबरे ट्रक के खाई में गिरने से 87 जनों की मृत्यु हो गई थी। सरकार ने इस मामले की जांच संभागीय आयुक्त राजेश्वरसिंह को सौंपी थी।