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एकलव्य का क्या होगा? कोर्ट आदेश तय करेगा

मुंबई. ऑस्कर पुरस्कारों की सर्वश्रेष्ठ विदेशी फिल्म की श्रेणी के लिए एकलव्य का चयन किए जाने पर बॉम्बे हाईकोर्ट ने फिल्म फेडरेशन ऑफ इंडिया से जवाब मांगते हुए कहा है कि फिल्म का चयन कोर्ट के आदेश पर ही निर्भर होगा।

हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश स्वतंत्र कुमार और जस्टिस धनंजय चंद्रचूड़ की डिविजन बेंच ने कहा कि एफएफआई दस दिनों के भीतर अपना जवाब प्रस्तुत करे। चयन के लिए सबसे सशक्त दावेदार मानी जा रही फिल्म धर्म की निर्देशक भावना तलवार ने शुक्रवार को फिल्म के चयन को लेकर एक याचिका हाईकोर्ट में दाखिल की थी। बेंच ने कहा कि पहली नजर में याचिका में प्रस्तुत किए गए तथ्यों में दम दिखाई देता है।

कोर्ट ने इस याचिका पर अगली सुनवाई 10 अक्टूबर को तय की है। याचिका में भावना ने मुख्य रूप से इस बात को रेखांकित किया है कि चयन समिति में शामिल सुधीर मिश्रा, जगदीश शर्मा और रंजीत बहादुर के विधु विनोद चोपड़ा से काफी अंतरंग संबंध हैं। याचिका में कहा गया है कि एकलव्य के प्रचार के लिए बनाई गई फिल्म के संपादक भी बहादुर थे इसलिए संभव है कि पूरी चयन प्रक्रिया पक्षपात की शिकार हो।

जजों ने यह स्पष्ट किया कि किसी भी किस्म की चयन प्रक्रिया में पक्षपात संबंधी आरोप होने पर उसकी न्यायिक समीक्षा की जा सकती है। हालांकि याचिका पर सुनवाई से पहले ही शुक्रवार को फिल्म यूएसए भेज दी गई है लेकिन कोर्ट ने साफ कर दिया है कि इस चयन का कोई भी पहलू इस कोर्ट के आदेश पर ही निर्भर करेगा।

इससे पहले विधु विनोद चोपड़ा की फिल्म एकलव्य के चयन को लेकर काफी विवाद खड़ा हो चुका है। गौरतलब है कि ऑस्कर पुरस्कार के लिए भारत की ओर से आधिकारिक प्रविष्टि के रूप में एकलव्य के चयन को लेकर फिल्म जगत में काफी मतभेद उजागर हो चुके हैं क्योंकि ज्यूरी के सामने एकलव्य के चयन के दौरान धर्म के अलावा चक दे इंडिया, पारजानिया, गांधी माय फादर जैसे विकल्प भी मौजूद थे।

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