लखनऊ. उत्तरप्रदेश की मायावती सरकार ने रविवार को मुलायम सिंह यादव सरकार के कार्यकाल में हुई पुलिस और पीएसी के 7,400 और जवानों की भर्ती रद्द कर दी। भर्ती प्रक्रिया में गड़बड़ी के आरोप में सात आईपीएस अधिकारियों को भी निलंबित किया गया है।
इस मामले में अब तक 17,868 जवान बर्खास्त किए जा चुके हैं और 25 आईपीएस अधिकारियों को निलंबित किया गया है। मुख्य सचिव (गृह) जेएन चेंबर ने बताया कि निलंबित अधिकारियों में एक एडीजी, दो आईजी और तीन डीआईजी शामिल हैं। विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं, साथ ही एफआईआर भी दर्ज कराई जाएगी।
पूर्ववर्ती सरकार के कार्यकाल में हुई लगभग 22 हजार सिपाहियों की भर्ती में गड़बड़ियों की जांच के लिए मायावती सरकार ने वरिष्ठ अधिकारी शैलजाकांत मिश्र की अध्यक्षता में एक कमेटी का गठन किया था, जिसकी रिपोर्ट के आधार पर उक्त कार्रवाई की गई है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट में दाखिल एक याचिका पर कोर्ट ने बर्खास्त सिपाहियों की जगह नई भरती करने पर फिलहाल रोक लगा रखी है।
कब कितनी भरतियां रद्द :
* 11 सितंबर: 6,504 सिपाहियों की भरती रद्द, 12 आईपीएस अधिकारी निलंबित।
* 18 सितंबर: 3,964 जवानों की भरती रद्द, 6 आईपीएस निलंबित।
* 30 सितंबर: 7,400 जवानों की भरती रद्द, 7 आईपीएस निलंबित।