जयपुर. राजस्थान जाट महासभा के बैनर तले रविवार को यहां विशेष अधिवेशन में जुटे जाटों ने वसुंधरा सरकार को उखाड़ने का संकल्प लिया और तीसरे विकल्प के रूप में अलग पार्टी बनाने पर जोर दिया। साथ ही उन्होंने एक साल तक जमीनें नहीं बेचने का संकल्प भी लिया। विद्याधर नगर में हुए अधिवेशन में अधिकतर वक्ताओं ने महासभा के अध्यक्ष राजाराम मील की स्टेच्यू सर्किल स्थित होटल हवेली को तोड़ने की घटना को जाट समाज की पगड़ी उछालना बताया।
उनका कहना था कि सरकार में बैठे कुछ लोगों को यह पसंद नहीं आ रहा था कि शहर के बीचोंबीच जाट की हवेली कैसे बन गई। यह कार्रवाई इसलिए की गई क्योंकि मील ने आरक्षित वर्ग के अधिकारों की बात उठाई थी।
महासभा के अध्यक्ष राजाराम मील ने कहा कि सरकार विकास के नाम पर किसानों की जमीनें छीनी जा रही हैं। खेती के लिए पानी मांगने वाले किसानों को गोलियों से भूना जा रहा है। भ्रष्टाचार इस कदर बढ़ गया है कि किसानों से भी 90 बी के नाम पर 10 से 25 लाख रुपए प्रति बीघा के लिए जा रहे हैं। इस सरकार ने धोखा करने के सिवाय कुछ नहीं किया है। डीडवाना गोलीकांड के मुल्जिम आज भी खुलेआम घूम रहे हैं।
अधिवेशन में लिए गए संकल्प
* धार्मिक अंधविश्वास रोककर शिक्षा का प्रसार व सामाजिक कुरीतियां बंद की जाएं।
* किसानों की जमीनें किसान को ही मिले। दूसरों को बेचने पर रोक लगाई जाए।
* सेज, रतनजोत और व्यावसायिक घरानों के लिए किसानों की जमीनें अधिग्रहण करने पर रोक लगे।
* ग्रामीण क्षेत्रों में 24 घंटे सिंगल फेस बिजली दी जाए। खेती के लिए थ्री फेस बिजली 12 घंटे मिले।
* कृषि के नए कनेक्शनों पर तुरंत प्रभाव से रोक हटाई जाए।
* प्रदेश में सिंचाई के लिए किसानों को पूरा पानी दिया जाए।
* रोजगार गारंटी योजना में युवाओं को सम्मानजनक कार्य दिया जाए।
* अनुसूचित जाति, जनजाति का बैकलॉग पूरा किया जाए, छात्रावास खुलें, छात्रवृत्तियां दी जाएं।
* किसानों को धान और अन्य उपज का पूरा मूल्य मिले।
* जिस सामंतशाही को हमने दफन कर दिया था, भाजपा के रूप में आज वह फिर हावी है। भाजपा को वोट देने का पहले हमने पाप किया था। अब नहीं करेंगे।
-शेरसिंह पूनिया, अध्यक्ष, चूरू जाट महासभा
* मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे कभी जाटों की बहू बनती है तो कभी गुर्जरों की समधन। पहले वे ये तो बताएं कि वे किस जाट की बहू हैं।
- दशरथसिंह, संयोजक, बीसलपुर संघर्ष समिति
* मुख्यमंत्री ने समाज के साथ धोखा किया है।
-तोलाराम भादू, अध्यक्ष, बीकानेर जाट महासभा
* जो आज राज में हैं वे कुछ समय पहले तक अंग्रेजों के गुलाम और उनका राज चलाने वाले थे। ये लोग किसान, मजदूर हितों की बात नहीं कर सकते।
-रूपाराम डूडी, पूर्व विधायक, डीडवाना
* इस भ्रष्ट सरकार के ताबूत में अंतिम कील जाट समाज ने ठोक दी है। दो अक्टूबर के बाद आग गुर्जर लगा देंगे।
-डॉ. विक्रमसिंह गुर्जर, अध्यक्ष, राजस्थान युवा गुर्जर महासभा
* जाटों ने कभी धोखा नहीं दिया। भाजपा ने हमारे साथ धोखा किया तो हम बर्दाश्त भी नहीं करेंगे।
-कैप्टेन अय्यूब, राजस्थान मेव समाज, अलवर