News
Madhya Pradesh
Gwalior Gwalior ग्वालियर. शहर की पेयजल व्यवस्था के साथ-साथ नगर निगम ने मल-जल निकासी का भी मास्टर प्लान तैयार कर लिया है। यह मास्टर प्लान दो चरणों में तैयार किया गया है। प्रथम चरण में 2024 तक और द्वितीय चरण में 2039 तक की आबादी की आवश्यकताओं को ध्यान में रख कर मास्टर प्लान बनाया गया है।
नगर निगम के अनुसार वर्तमान में शहर की आबादी 9 लाख 39 हजार है। इतने लोगों के लिए जल की मांग 132 मिलियन लीटर प्रतिदिन (एमएलडी) है। इतने पानी में से सीवेज का उत्पान 80 एमएलडी होता है। जिसके निकास की उचित व्यवस्था नहीं है।
निगम का मानना है कि वर्ष 2024 में शहर की अबादी 14 लाख 82 हजार हो जाएगी। उस समय शहर की जनता को 202 एमएलडी पानी की आवश्यकता होगी। इसमें से 140 एमएलडी पानी सीवेज परिवर्तित होगा। इस पानी की निकासी के लिए शहर में 250 किलोमीटर सीवर लाइन की आवश्यकता होगी और इस पर 95 करोड़ रुपए का खर्च आएगा।
इसके बाद वर्षद 2039 में शहर की जनसंख्या लगभग 20 लाख 60 हजार हो जाएगी और तब इतनी आबादी के लिए 324 एमएलडी पानी की आवश्यकता होगी। इतने पानी में सीवेज के रूप में 190 एमएलडी पानी वेस्ट होगा। इसके लिए सीवेज 300 किलोमीटर सीवर लाइन की अवश्यकता होगी और इसके लिए 100 करोड़ रुपए की जरूरत होगी।
सीवेज की वर्तमान स्थिति
जनसंख्या 9.39 लाख
क्षेत्रफल 177 वर्ग किमी
सीवर लाइन 600 किमी
पंपिंग क्षमता 17 एमएलडी
ट्रीटमेंट प्लांट 50 एमएलडी
2024 का मास्टर प्लान
जनसंख्या 14.42 लाख
क्षेत्रफल 206 वर्ग किमी
सीवर लाइन 250 किमी
पंपिंग क्षमता 110 एमएलडी
ट्रीटमेंट प्लांट 140 एमएलडी
कुल खर्च 140 करोड़ रुपए
2024 के लिए स्वच्छता एवं शौचालय व्यवस्था
सामुदायिक शौचालय निर्माण 128
सार्वजनिक शौचालय 10
प्राइवेट शौचालय 1200
वर्तमान में सुधार 60
कुल खर्च 18 करोड़ रुपए
2039 का मास्टर प्लान
जनसंख्या 2060 लाख
क्षेत्रफल 300 वर्ग किमी
सीवर लाइन 300 किमी
पंपिंग क्षमता 30 एमएलडी
ट्रीटमेंट प्लांट 50 एमएलडी
कुल खर्च 170 करोड़ रुपए
2039 स्वच्छता एवं शौचालय व्यवस्था
सामुदायिक शौचालय निर्माण 100
सार्वजनिक शौचालय 05
प्राइवेट शौचालय 6000
वर्तमान में सुधार 50
कुल खर्च 21 करोड़ रुपए