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Madhya Pradesh
Gwalior Gwalior ग्वालियर.
वाणिज्यिक कर विभाग के अफसरों के विरोध में चार दिन से जारी व्यापारियों का धरना आज उस समय समाप्त हो गया जब सांसद यशोधरा राजे सिंधिया ने व्यापारियों को वाणिज्यिक कर मंत्री बाबूलाल गौर का वह पत्र दिखाया जिसमें विभाग के असिस्टेंट कमिश्नर एचएम बोहरे को एक अक्टूबर से 15 दिन के लिए जबरिया छुट्टी पर भेजे जाने का आदेश था।
यहां उन्होंने यह भी बताया कि बोहरे को भोपाल बुलाया गया तथा उन्हें ग्वालियर से कार्यमुक्त कर दिया गया है। गौरतलब है कि बीते रोज सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया धरना दे रहे व्यापारियों के बीच पहुंचे थे।
उन्होंने भरोसा दिलाया था कि वे व्यापारियों के हितों की इस लड़ाई में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह से बात करेंगे। इसके बाद अचानक राजनीतिक सरगर्मियां बढ़ीं और ग्वालियर सांसद यशोधरा राजे रविवार को व्यापारियों के बीच पहुंच गईं।
सिटी सेंटर स्थित विभागीय कार्यालय के सामने चल रहे धरने को आज स्थानांतरित कर सराफा बाजार में रखा गया था। धरना स्थल पर बड़ी संख्या में जुटे व्यापारियों ने वाणिज्यिक कर अधिकारियों द्वारा अपनाए जा रहे तानाशाहीपूर्ण रवैये से समस्त व्यापारियों को अवगत कराया।
इसके बाद धरने में शामिल होने पहुंची सांसद यशोधराराजे ने व्यापारियों द्वारा दिये जा रहे धरने का समर्थन करते हुए कहा कि वाणिज्यिक कर मंत्री भी आपके साथ हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में कभी भी किसी भी व्यापारी को मेरी जरुरत पड़ेगी तो मैं कंधे से कंधे मिलाकर साथ दूंगी।
इसके बाद यशोधराराजे ने श्री गौर की वह चिट्ठी चेम्बर ऑफ कामर्स के अध्यक्ष जीडी लड्ढा को सौंपी, जिसमें बोहरे को अवकाश पर भेजने और ट्रांसफर किये जाने के आदेश थे। साथ ही श्री लड्ढा की बांह से काली पट्टी खोलकर धरना खत्म करने की औपचारिकता पूरी की।
इसके बाद चेम्बर ऑफ कामर्स के मानसेवी सचिव विजय गोयल ने मंच से धरना खत्म करने की घोषणा की। इससे पूर्व चेम्बर ऑफ कामर्स के एक्जीक्यूटिव मेम्बर विष्णु गर्ग ने अपने उद्बोधन में वाणिज्यिक कर विभाग द्वारा की जा रही ज्यादतियों को लेकर तीखी-प्रतिक्रिया व्यक्त की।