अजमेर. व्यावसायिक, औद्योगिक और मिश्रित भार वाले बिजली के कनेक्शनों पर एक अक्टूबर से न्यूनतम शुल्क नहीं लगेगा। इससे बिजली की बचत तो होगी ही साथ ही उपभोक्ताओं को भी राहत मिलेगी। कृषि कनेक्शनों पर न्यूनतम शुल्क जारी रहेगा।
राजस्थान विद्युत नियामक आयोग द्वारा जारी किए गए आदेश के अनुसार एक अक्टूबर से राज्य में बिजली कनेक्शनों पर न्यूनतम शुल्क की राशि नहीं जुड़ेगी। डिस्कॉम के सभी जिला मुख्यालयों पर इस आशय के आदेश भेजे गए हैं। न्यूनतम शुल्क हट जाने से बिजली के बिलों के भार से उन उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी जो कि न्यूनतम राशि से भी कम बिजली खर्च करते हैं। अब उपभोक्ताओं को खर्च की गई बिजली के अलावा स्थायी शुल्क देना होगा। यह अलग-अलग श्रेणी के कनेक्शनों पर भिन्न-भिन्न होगा।
नवंबर में आने वाले बिलों में न्यूनतम राशि जुड़कर बिलों में नहीं आएगी। घरेलू कनेक्शनों को पहले ही मुक्त न्यूनतम शुल्क घरेलू कनेक्शनों से जनवरी 2005 में ही हटा दिया गया था। इसके बाद से बिल में स्थायी शुल्क, रखरखाव का शुल्क और बिजली की खपत का बिल उपभोक्ताओं को दिया जाता है।
पहले यह राशि देनी होती थी
* व्यावसायिक कनेक्शन
* 5 केवीए तक स्वीकृत भार के लिए सौ यूनिट प्रतिमाह के लिए ग्रामीण इलाके में 140 तथा शहरी इलाके में 200 रुपए।
* सौ यूनिट से अधिक पर प्रतिमाह ग्रामीण इलाके में 180 तथा शहरी क्षेत्र में 240 रुपए देने होते थे।
औद्योगिक
लघु औद्योगिक कनेक्शनों में 135 रुपए हॉर्स पावर मध्यम एचटी कनेक्शन में 165 रुपए प्रति हॉर्स पावर, वृहद मध्यम एचटी कनेक्शन पर 275 रुपए प्रति हॉर्स पावर तथा वृहद औद्योगिक कनेक्शन पर 440 रुपए प्रति हॉर्स पावर की दर से न्यूनतम चार्ज वसूला जाता था।
मिश्रित
इनमें स्कूल, अस्पताल एवं कुछ महकमों को शामिल किया जाता है। इनमें स्कूल के लिए न्यूनतम चार्ज के रूप में 55 रुपए प्रति हॉर्स पावर तथा अन्य कनेक्शन में 110 रुपए प्रति हॉर्स पावर की दर से प्रतिमाह बिल दिया जाता था। इस हिसाब से अब बिल नहीं दिया जाएगा।
* ‘एक अक्टूबर से बिजली कनेक्शनों पर न्यूनतम चार्ज हटाया जा रहा है। कृषि कनेक्शनों में न्यूनतम चार्ज यथावत रहेगा। इससे बिजली बचेगी और उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी।’
-एस.एल.धानका, मुख्य अभियंता डिस्कॉम