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गुरुद्वारे में महिलाओं के साथ अभद्र व्यवहार

इंदौर.loot नंदानगर गुरुद्वारा में सिक्खों के दो समूहों में विवाद हो गया। बाद में बड़ी संख्या में लोग परदेशीपुरा थाने पहुंचे और शिकायत दर्ज कराई। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर जमकर आरोप लगाए हैं। गुरुद्वारे की प्रबंध समिति को लेकर काफी समय से विवाद चल रहा है।

रविवार सुबह 10 बजे नंदानगर गुरुद्वारे में अरदास के बाद दो पक्षों में विवाद हो गया। बात मारपीट तक पहुंच गई। महिलाओं के साथ भी अभद्र व्यवहार किया गया। गुरदीप कौर, सुरेंदर कौर, रवींदर कौर व बलजीत कौर के अनुसार निरंजनपुर के कुछ लोग गुंडों को लेकर आए थे।

वे गुरुद्वारे पर कब्जा करना चाहते हैं। उन्होंने आते ही मारपीट शुरू कर दी। गले की चेन, कान की बालियां और मोबाइल भी छीनकर ले गए। निरंजनपुर में गुरुद्वारा है वहां के लोगों को यहां आने की जरूरत ही नहीं है। गुरुद्वारा परिसर में बनी दुकानों के किराएदार भी इसमें शामिल हैं।

उधर, गुरुद्वारा कमेटी के अध्यक्ष प्रीतपालसिंह सलूजा व हॉस्पिटल कमेटी में सचिव श्री उबेजा ने बताया गुरुद्वारा का ट्रस्ट 1969 में बना था। पहले सात ट्रस्टी थे अब तीन ही बचे हैं। गुरुद्वारे के अलावा ट्रस्ट हॉस्पिटल और स्कूल संचालित करता है।

इनकी कमेटी का गठन ट्रस्ट द्वारा ही किया जाता है। ट्रस्ट ने पिछले दिनों गुरुद्वारा कमेटी के लिए सभी से नाम मांगे थे। दूसरे पक्षें में किसी ने नाम नहीं दिए। बाद में ट्रस्ट ने कमेटी बना दी। अब ये लोग उसे लेकर विवाद कर रहे हैं, जो ठीक नहीं है।

मुआवजे का मामला है
गुरुद्वारे को लेकर दोनों पक्षों में काफी समय से विवाद चल रहा है। इसकी मूल वजह गुरुद्वारे को मिलने वाला मुआवजा बताया जा रहा है। 1984 के सिक्ख विरोधी दंगों के लिए गुरुद्वारे को करीब 94 लाख 85 हजार का मुआवजा मिलना है। इसे लेकर ही खींचतान चल रही है।





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