अजमेर. जान बख्शने के लिए दो लाख रुपए मांगने वाले दो कुख्यात अपराधियों को सिविल लाइंस पुलिस ने रविवार को धरदबोचा। दोनों ने हथियार तस्करी मामले
के सहअभियुक्त के पिता से राशि ऐंठने की कोशिश की थी।
सिविल लाइंस इलाके के शराफुद्दीन के मुताबिक रविवार को लोहाखान निवासी दो कुख्यात अपराधी भाइयों रज्जाक व खुर्शीद ने डरा-धमका कर दो लाख रुपए मांगे और नहीं देने पर उन्हें व पुत्र मम्मू को जान से मारने की धमकी दी। आरटीओ आफिस के एजेंट शराफुद्दीन के अनुसार 21 सितंबर को रज्जाक व खुर्शीद अपने साथियों सहित उसके घर आए।
दोनों ने उन्हें धमकाकर रकम मांगी। असमर्थता जताने पर उन्होंने शराफुद्दीन से 12 हजार रुपए ऐंठे और बाकी की राशि 25 सितंबर तक देने की कहकर चले गए। रकम नहीं चुकाने की सूरत में उन्होंने बाप-बेटे को जान से मारने की धमकी दी। धमकी से परेशान शराफुद्ीन ने रविवार को सिविल लाइंस थाने में आपबीति सुनाई। पुलिस ने आइपीसी की धारा 384, 386, 388,, 452 व 143 के तहत मामला दर्ज कर दोनों को बस स्टैंड स्थित उनके पिता अहमदनूर के ढाबे से गिरफ्तार कर लिया।
इसलिए दिखानी पड़ी गिरफ्तारी
अदालत द्वारा रिपोर्ट तलब करने पर पुलिस को हिस्ट्रीशीटर कुड़ी और उसके भाई को गिरफ्तार घोषित करना पड़ा। कुड़ी की मां ने शनिवार को न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रदीप वर्मा की अदालत में एक प्रार्थना पत्र पेश कर आरोप लगाया था कि उसके पुत्रों को पुलिस ने पिछले छह दिनों से अलवरगेट थाने में जबरन बंद कर रखा है। दोनों ने रोजे कर रखे हैं और परिवार वाले शाम को थाने जाकर इफ्तारी कराते हैं। इस पर अदालत ने पुलिस से रिपोर्ट तलब की।
सूत्रों के मुताबिक अदालती कार्रवाई से बचने के लिए दोनों को अलवरगेट से सिविल लाइंस थाने भेजा गया और मामला दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया गया।
दोनों हिस्ट्रीशीटर
थाना प्रभारी रामचन्द्र सिंह ने बताया कि दोनों भाई सिविल लाइंस इलाके के हिस्ट्रीशीटर हैं। उनके खिलाफ चोरी, लूट, मारपीट, आर्म्स एक्ट व फिरौती मांगने के कई मामले दर्ज हैं। शराफुद्दीन का पुत्र मम्मू पहले रज्जाक व खुर्शीद के साथ ही रहता था। तीनों को ही जुलाई में हथियार तस्करी के मामले में पकड़ा गया था।