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Chhattisgarh
Bilaspur Bilaspur बिलासपुर. पांच सूत्रीय मांगों को लेकर ग्राम रांक पिछले 30 दिन से भूख हड़ताल जारी है। रविवार को इस धरने में पूरा रांक शामिल हुआ। आंदोलनकारियों की संख्या एक हजार के आसपास रही और सभी रोजगार मिले बिना आंदोलन समाप्त न करने का प्रण दोहराया।
एनटीपीसी के खिलाफ पिछले तीस दिन से भूख हड़ताल जारी है। आंदोलनकारी पांच सूत्रीय मांगों को पूरा करने की बात कह रहे हैं। इसको लेकर 30 अगस्त का आंदोलन चालू होने के पहले कलेक्टर सुबोध सिंह से चर्चा हुई और दूसरी दफा आंदोलन के बीच में आंदोलनकारियों को प्रशासन ने मनाने का प्रयास किया, किंतु यह सभी प्रयास असफल रहे।
इन सब के बीच भूख हड़ताल के 30 वें दिन रविवार को ग्राम रांक के सभी लोग महिलांए, बुजुर्ग,बच्चे, युवा आंदोलन में शामिल हुए। इनके प्रभावित 8 गांवों से प्रतिनिधित्व के लिए आंदोलन में कोई न कोई मौजूद था।
इनकी उपस्थिति एक हजार के आसपास बताई जा रही है। इन सभी आंदोलनकारियों ने आज एक दफा फिर यह प्रस्ताव पारित किया कि जब तक बेरोजगारों को एनटीपीसी रोजगार नहीं देता है तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
वहीं जिला प्रशासन के अधिकारी एक दफा फिर इन आंदोलनकारियों को मनाने के लिए अक्टूबर के पहले सप्ताह में चर्चा करने का प्रयास कर रहे हैं। इस बैठक में जांजगीर सांसद करूणा शुक्ला के भी उपस्थित रहने की संभावना जताई जा रही है। रविवार के आंदोलन का नेतृत्व क़ृष्ण कुमार राठौर व ओछ राम सूर्यवंशी ने किया।
मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद भी नहीं सुनी
27 सितंबर को रांक के आंदोलनकारी रायपुर में मुख्यमंत्री रमन सिंह से मुलाकात की थी व ज्ञापन सौंपा था। इसके बाद श्री सिंह आंदोलनकारियों का समस्या का हल निकालने का आश्वासन भी दिया था और कलेक्टर सुबोध सिंह को दूरभाष में तत्काल निराकरण करने को भी कहा था। इस आदेश के तीन दिन बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है और आंदोलनकारियों कर कहीं सुनवाई नहीं हुई।