उदयपुर. एसटी में आरक्षण की मांग को लेकर गुर्जर समाज के जेल भरो आंदोलन की गतिविधियां तेज हो गई हैं। राजसमंद, उदयपुर व चित्तौड़गढ़ में समाज के नेताओं ने गांव-गांव जाकर 2 अक्टूबर को गिरफ्तारी देने का आह्वान किया है। गिरफ्तारी केवल राजसमंद जिला मुख्यालय पर ही होगी। संभाग के आला अधिकारी राजसमंद में पड़ाव डाले हुए हैं।
संभागीय प्रवक्ता श्यामलाल गुर्जर ने बताया कि राजसमंद जिले में हर पंचायत में 5-5 ट्रैक्टर लगाए गए हैं, जिनसे लोग 2 अक्टूबर को गिरफ्तारी देने जेके स्टेडियम पहुंच सकेंगे। सभी चौकड़ियों के प्रभारी रविवार को भी तैयारियों में व्यस्त रहे। उन्होंने बताया कि सरकार के प्रतिनिधि बातचीत के माध्यम से दबाव भी डाल रहे हैं। जेल जाने पर युवाओं को नौकरी नहीं देने का सरकार का निर्णय तानाशाहीपूर्ण है। लोकतंत्र में हर समाज को अपना हक मांगने का अधिकार है।
उदयपुर में गुर्जर सेवासंघ की पंचायती नोहरे में हुई बैठक में 501 जनों ने गिरफ्तारी देने के लिए नाम लिखवाए हैं। सोमवार को गांव-गांव में बैठक की जाएगी। आर्थिक सहयोग के लिए 11 हजार रुपए एकत्र किए गए हैं। देवाली निवासी देवीलाल धायभाई के नेतृत्व में लोग राजसमंद रवाना होंगे।
इधर, राजसमंद जिले में धारा 144 लागू कर दी गई है। हालांकि वहां पांच या ज्यादा लोगों के एकत्र होने पर प्रतिबंध नहीं लगाया है लेकिन कोई भी व्यक्ति लाठी अथवा हथियार साथ नहीं रख सकेगा। सीआरपीएफ, आरएसी, एमबीसी व अन्य जगहों से भी सुरक्षा बलों की टुकड़ियां बुलवाई गई हैं।
चपलोत की शांति की अपील
मावली विधायक व भाजपा के प्रदेश महामंत्री शांतिलाल चपलोत को गुर्जर आंदोलन के तहत शांति व्यवस्था के लिए मेवाड़ की जिम्मेदारी सौंपी गई है। श्री चपलोत शनिवार को राजसमंद का दौरा कर गुर्जर नेताओं से बातचीत कर चुके हैं। सोमवार को उन्होंने उदयपुर व मावली में गुर्जर नेताओं से बातचीत कर आंदोलन शांतिपूर्वक करने और कानून व्यवस्था बनाए रखने की अपील की है।
महाप्रज्ञ से मिले गुर्जर प्रतिनिधि
इस बीच गुर्जर समाज के कुछ प्रतिनिधियों ने रविवार शाम को प्रज्ञा शिखर में आचार्य महाप्रज्ञ से आशीर्वाद लिया। जिला गुर्जर महासभा के अध्यक्ष देवनारायण धाबाई, पूर्व अध्यक्ष देवीलाल गुर्जर, उदयपुर चौखला के अध्यक्ष नरेन्द्र गुर्जर आदि ने महाप्रज्ञ को हिंसा न करने का आश्वासन दिया।