कानोड़. बड़वई पंचायत स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय के पोषाहार की जांच में कीड़े व गीली शक्कर मिली। तहसीलदार ने मौके की रिपोर्ट बनाकर
स्टाक रजिस्टर और पोषाहार सामग्री जब्त कर ली। रजिस्टर जांच में भी अनियमितता मिली।
सूत्रों के अनुसार शनिवार को बड़वई सरपंच सुभाषचंद्र त्रिवेदी, उपसरपंच कमलाशंकर श्रीमाली ने ग्रामीणों की मौजूदगी में कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय की भोजन सामग्री व भंडार गृह में रखी सामग्री की जांच की। वहां शक्कर गीली मिलने और आटे में कीड़े मिलने पर डूंगला तहसीलदार जगनेश्वर श्रीमाली को मौके पर बुलाया गया।
तहसीलदार ने भंडार घर और पोषाहार सामग्री की विस्तार से जांच की। वहां छात्रावास अधीक्षिका नदारद मिली और पोषाहार के आटे, दाल, सूजी आदि में कीड़े, लटे व धनेरिया मिले। इस पर रिपोर्ट लिखी गई जिसमें पोषाहार को पशुआहार का दर्जा देना भी कठिन माना। साथ ही इंद्राज किया कि शक्कर में पानी छिड़का हुआ था। स्टाक रजिस्टर 20 अगस्त के बाद से अधूरा था। पचास बालिकाओं के नामांकन की सूचना दर्ज थी, जबकि मौके पर छह बालिका ही पाई गई। उपस्थिति पत्रक में भी दो दिन की भर्ती रिक्त मिली। मीनू के अनुसार बालिकाओं को भोजन नहीं मिलने की भी जानकारी मिली।
जांच के दौरान तहसीलदार ने मौजूद शिक्षिका गीता पिछोलिया से जानकारी मांगी तो उन्होंने इसकी जिम्मेदारी खंड संदर्भ केंद्र अधिकारी डूंगला की बताई। इस पर तहसीलदार ने उपसरपंच मिठूलाल प्रजापत, रतनलाल उपाध्याय, राकेश श्रीमाली व अन्य ग्रामीणों की मौजूदगी में सामान सील किए।
विवाद किराए का
डूंगला पंचायत में इस आवासीय विद्यालय को तीन महीने पहले से किराए के भवन में संचालित किया जा रहा है। पोषाहार में गड़बड़ी का विवाद उठने के बाद संदर्भ केंद्र प्रभारी इसे सरपंच और विभाग में किराया विवाद पर मिली धमकी की परिणति बता रहे है जबकि सरपंच किराए मामले में खंड संदर्भ केंद्र प्रभारी की मनमानी बता रहे है।
‘सरपंच ने दी थी धमकी’
पंचायत के खंड संदर्भ केंद्र प्रभारी चेतनमल नागौरी ने बताया कि भवन जिस किराए के भवन में संचालित है वह मगनीराम जाट का है। सरपंच के पजेशन वाले इस भवन को सरपंच ने दो हजार मासिक में लिया है, जबकि विभाग से चार हजार सात सौ पचास का अनुबंध किया है। जर्जर भवन में शौचालय, स्नानघर, पलास्तर और वायरिंग फिटिंग ठीक कराने पर ही किराया शुरू करना तय हुआ है जबकि काम अधूरा है। इससे जुलाई, अगस्त और सितंबर का भुगतान बकाया है। सरपंच ने किराया भुगतान को लेकर मुझे धमकी दी और षड़यंत्र से फंसाने का भय दिखाया। सामान संचालन समिति द्वारा सहकारिता उपभोक्ता भंडार से खरीदे गए है। जब सील जांच अधिकारी के सामने खुलेगी तब सामान स्वयं अपनी गुणवत्ता का निर्धारण कर देंगे।
‘किराए की बजाय नोटिस दिया’
सरपंच सुभाषचंद्र त्रिवेदी ने बताया कि तीन महीने का किराया चढ़ गया। मांगने पर खंड संदर्भ केंद्र प्रभारी तो नोटिस जारी करना शुरू कर दिए थे। बाथरूम, सेप्टीटेंक वाटरटेंक बना दिए। कड़ा कराना था, बारिश से पहले ही करवा दिया। केंद्र प्रभारी खुद की मनमानी से निर्णय लेकर सामान लेकर आता है। छह-सात बालिकाओं के लिए 21 कट्टे खरीद कर डाले है। गड़बड़ी केंद्र प्रभारी ने की है। करीब 25 गांव वाले इस बात के गवाह है।