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Chandigarh Chandigarh चंडीगढ़. एक पासपोर्ट कोर्ट में जमा, डुप्लीकेट पासपोर्ट पर विदेश की सैर। हाल ही में ऐसा एक मामला पकड़ में आया है। अब पासपोर्ट जब्त होने, गुम होने या विदेशी दूतावास से रिजेक्शन की मुहर लगने पर खुराफाती अपने तरीके से पासपोर्ट अथॉरिटीज की कमजोरियों का फायदा उठा रहे हैं। पासपोर्ट अथॉरिटिज के पास उन पर विश्वास करने के अलावा कोई चारा नहीं है। बीते एक साल में रीजनल पासपोर्ट ऑफिस में इस तरह के साढ़े चार हजार से अधिक आवेदन आए हैं जिनमें पासपोर्ट गुम होने को आधार बनाते हुए नया पासपोर्ट देने की गुजारिश की गई है।
रीजनल पासपोर्ट ऑफिस चंडीगढ़ को जुलाई 2006 से जून 2007 तक डुप्लीकेट पासपोर्ट हासिल करने के लिए 7958 आवेदन मिले। इनमें से 4531 आवेदन पासपोर्ट गुम होने के कारण दोबारा इश्यू करवाने के लिए थे। इस संबंध में एडवोकेट एचसी अरोड़ा द्वारा पासपोर्ट अथॉरिटी से आरटीआई के तहत मांगी गई जानकारी के बाद कई हैरानीजनक बातें सामने आई हैं।
कोई पैरामीटर नहीं आरपीओ वितुल कुमार ने आरटीआई के तहत दी जानकारी में मजबूरी जाहिर करते हुए कहा है कि हमारे पास ऐसा कोई पैरामीटर नहीं है जिसमें पासपोर्ट गुम होने के आधार पर नया पासपोर्ट बनवाने की स्टेटमेंट को वेरिफाई करवाया जा सके।
हमें आवेदक की स्टेटमेंट पर ही विश्वास करना पड़ता है। पासपोर्ट अथॉरिटीज पुलिस या कोर्ट में आवेदक के पासपोर्ट के बारे में जांच करने नहीं जाती हैं। पासपोर्ट ऑफिसर का कहना था कि ऐसा भी कोई मामला नहीं आया है, जिसमें पासपोर्ट गुम होने के आधार पर डुप्लीकेट पासपोर्ट हासिल करने वाला हमारे पास आया हो और कहा हो कि उसका पासपोर्ट मिल गया है। इसके अलावा किसी एंबेसी से भी कभी कोई सूचना पासपोर्ट ऑफिस को नहीं मिलती की फलां आदमी के पासपोर्ट पर वीजा के रिजेक्शन की मोहर लगी है।
कौन उठा रहा है फायदा. पासपोर्ट ऑफिस की इस कमजोरी का फायदा वही लोग उठा रहे हैं, जिन लोगों के पासपोर्ट या तो कोर्ट या पुलिस ने जब्त किए हुए हैं या फिर किसी फॉरेन एंबेसी द्वारा उनके पासपोर्ट पर वीजा के रिजेक्शन की मोहर लगा दी गई है। ऐसे में पासपोर्ट गुम होने की नकली एफआईआर थाने में जमा करवाकर उसकी कॉपी को नए पासपोर्ट के आवेदन के साथ लगाया जा रहा है और विशेष फीस भरकर डुप्लीकेट पासपोर्ट हासिल किया जा रहा है।