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Chandigarh Chandigarh चंडीगढ़ .
विवाद जमीन का और केस रेप की कोशिश का। मामला है मोहाली के कांसल गांव का। पुलिस ने शांति देवी की शिकायत पर दो सगे भाइयों के खिलाफ रेप की कोशिश का केस दर्ज किया। छानबीन में आरोप झूठा निकला और पता चला कि मामला जमीन विवाद का है। अब केस फाइल से रेप की कोशिश का अभियोग हटा दिया गया है।
क्या है एफआईआर मेंशांति देवी के अनुसार 20 दिसंबर 2006 को कांसल के बलबीर और सुरजन ने उसके निर्माणाधीन मकान में दाखिल होकर पहले मजदूरों को भगाया और फिर उसकी बेटी के साथ रेप की कोशिश की। उसने बेटी को बचाया। बीच-बचाव के दौरान दोनों भाइयों ने उसके साथ भी हाथापाई और बदतमीजी की। इस दौरान मां-बेटी को चोटें भी आई थीं। बाद में पुलिस ने उसकी शिकायत पर आईपीसी की धारा 452, 376, 511, 323, 506 और 34 के तहत केस दर्ज कर लिया।
डीजीपी के आदेश पर एसपी की जांच :
आरोपी पक्ष की फरियाद पर पंजाब के डीजीपी ने केस की छानबीन की जिम्मेदारी फतेहगढ़ साहिब के एसपी-हेडक्वार्टर प्रीतपाल सिंह विर्क को दी। विर्क के अनुसार, घटना वाले दिन जमीन को लेकर दोनों पक्षों में हल्की झड़प हुई थी। रेप की कोशिश का आरोप गलत है। विर्क ने मोहाली पुलिस की जांच रिपोर्ट का समर्थन किया है। हालांकि वे मानते हैं कि लड़ाई के दौरान शिकायतकर्ता के साथ छेड़छाड़ हुई थी, इसलिए उन्होंने केस में छेड़खानी (आईपीसी की धारा 354) का अभियोग जोड़ दिया है।
जांच में रेप की कोशिश का आरोप झूठा : मोहाली पुलिस के डीएसपी ने खुद मौके का मुआयना किया और आसपास के लोगों से पूछताछ की। पुलिस के मुताबिक रेप की कोशिश का आरोप झूठा पाया गया। पुलिस ने केस फाइल से रेप की कोशिश का सेक्शन हटा दिया।
एक महीने रहा जेल में :
28 अप्रैल 2007 को आरोपी बलबीर को पकड़ा गया और करीब एक माह बाद 26 मई 2007 को उसे कोर्ट से बेल मिली। बेल भी पुलिस की जांच रिपोर्ट और कोर्ट में लंबित जमीन विवाद के मामले के आधार पर ही हुई। दूसरा आरोपी अभी फरार ही है।
डीआईजी, पटियाला रेंज के माध्यम से डीजीपी का आदेश मेरे पास पहुंचा है। मैंने केस की जांच की है। केस जमीन विवाद से जुड़ा है। रेप की कोशिश का आरोप झूठा है, इसलिए केस से इसका अभियोग हटाकर इसकी जगह छेड़छाड़ का आरोप जोड़ दिया गया है। -प्रीतपाल सिंह विर्क, एसपी (हेडक्वार्टर), फतेहगढ़ साहिब