नई दिल्ली.
तमिलनाडु में बंद के हालातों पर गंभीर रुख अपनाते हुए सुप्रीम कोर्ट ने आज राज्य सरकार को जमकर फटकार लगाई। कोर्ट ने कहा कि राज्य में कानून व्यवस्था की स्थिति ठप हो गई है ऐसे में राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाने के हालात बन गए है।
कोर्ट ने कहा कि वो यूपीए सरकार को आदेश दे सकता है कि राज्य में राष्ट्रपति शासन लगा दिए जाएं। कोर्ट ने इस बात पर काफी नाराजगी जाहिर की कि कल दिए गए उसके आदेश का पालन नहीं किया गया है। उधर, चेन्नई में जनजीवन पर व्यापक असर पड़ा है। राज्य ट्रांसपोर्ट की अधिकांश बसें आज बंद हैं।
एआईडीएमके की तरफ से तमिलानाडु की स्थिति अदालत का ध्यान आकर्षित कराया गया। कहा गया कि वहां बंद के हालात हैं और लोगों को काफी तकलीफों का सामना करना पड़ रहा है। इसके साथ ही यह भी तर्क दिया गया कि कल के आदेश का पालन कर पाने में राज्य सरकार नाकाम रही है। जस्टिस बीएन अग्रवाल और जस्टिस पी सथशिवम ने कहा कि अदालत की अवमानना का मामला बनता है और इस संबंध में याचिका दाखिल की जा सकती है।
सेतुसमुद्रम को शीघ्र पूरा करने की मांग को लेकर डीएमके की तरफ से आज राज्यव्यापी बंद का आह्वान किया गया था। कल सुप्रीम कोर्ट ने बंद पर रोक लगा दी थी और कहा था कि इस तरह की गतिविधियां बर्दाश्त नहीं की जाएंगी। कोर्ट के इस आदेश के बाद डीएमके नेता ने भूख हड़ताल पर बैठ गए। मुख्यमंत्री करुणनिधि भी भूख हड़ताल पर हैं।
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