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Indians Abroad Indians Abroad लंदन .
अंतिम मुगल बादशाह बहादुर शाह जफर द्वारा हाथ से लिखी गयी दुआओं के एक संग्रह का लंदन के नेहरू सेंटर में विमोचन किया गया।
इस पुस्तक को भारत की समृद्ध विरासत की याद दिलाने वाला एक मील का पत्थर बताते हुए ब्रिटेन में भारतीय उच्चायुक्त अशोक मुखर्जी ने जफर की किताब बुक आफ मनाजार्र्तंं का विमोचन किया जिसमें अंतिम बादशाह द्वारा खुद अपने हाथ से लिखी गयी दुआ शामिल हैं।
विमोचन समारोह के आयोजक और खिदमत इंटरनेशनल के डा सलमान आसिफ ने कहा 14 सितंबर 1857 को जनरल डेलमहोय के नेतृत्व में ब्रिटिश सैनिकों ने दीवान ए खास में प्रवेश किया और जनरल ने बादशाह की किताब जब्त कर ली।
इस पुस्तक में जिन दुआओं को शामिल किया गया है वे न तो पवित्र कुरान से निकाली गई आयतें हैं और न ही इस्लामी जगत की किन्हीं अन्य आयतों का हिस्सा हैं। आसिफ ने कहा ये दुआएं निजी रीति रिवाजों पर आधारित दुआओं का हिस्सा हैं जिन्हें केवल शाही परिवार के लोग ही इस्तेमाल करते थे।