भोपाल.
राजधानी की सड़कों पर दौड़ रहीं भोपाल सिटी लिंक लिमिटेड (बीसीएलएल) की स्टार बसें गांधी जयंती को अपनी पहली सालगिरह मनाने जा रही हैं। स्टार बसों के संचालन को लेकर जिन आधुनिक सुविधाओं का वायदा किया गया था, सालभर बाद भी वे काफी हद तक अधूरे हैं।
शहर में अतिक्रमण और सकंरे रास्तों व चौराहों के कारण आज भी स्टार बसों को संचालन में दिक्कतें हो रही है। शहर में अब तक इन बसों के आकार के हिसाब से चौड़े मार्ग भी नहीं बन पाए हैं। शहर के अधिकतर मार्र्गो की दो तरफ सड़कों की चौड़ाई अस्सी फीट है, जबकि स्टार बसों को चलने के लिए करीब सौ फीट चौड़ी रोड की आवश्यकता है।
अधूरे बस स्टाप, अधर में जीपीएस-यात्रियों की सुविधा के लिए शहर में कुल 50 हाईटेक स्टापेज बनाने का प्रस्ताव था, जिन्हें ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम (जीपीएस) से जोड़ा जाना था। इस सिस्टम पर यात्रियों के लिए बसों के रूट व समय सारणी की जानकारी भी उपलब्ध कराई जानी थी, लेकिन सालभर में महज 35 बस स्टाप ही बन पाए हैं।
उधर, व्यावसायिक प्रतिस्पर्धा के चलते स्टार बसों पर पथराव और उनके आपरेटर के साथ मारपीट की सालभर में करीब सौ घटनाएं हो चुकी हैं। तीन सीईओ बदले- बीसीएलएल के सीईओ पद पर अब तक तीन परिवर्तन हो चुके हैं। पहले जितेंद्र तिवारी और फिर एसडीएम वेदप्रकाश इस पद पर थे।
वर्तमान में एसडीएम कमल नागर सीईओ हैं। 39 में से 22 के इंजन ठप-पिछले एक वर्ष के दौरान 39 स्टार बसों में से 22 बसों के इंजन जवाब दे चुके हैं। बस निर्माण कंपनी ने इन इंजनों को बदलकर दिया है।
प्रतिदिन 26 हजार यात्री
अधिक यात्री क्षमता वाली आरामदायक स्टार बसें हर वर्ग के लिए यात्रा के हिसाब से मुफीद साबित हुई हैं। इन बसों में प्रतिदिन 26,000 लोग सफर करते हैं। पिछले लंबे समय से मिनी बसों की अंधाधुंध रफ्तार और अव्यवस्था झेल रहे लोगों को स्टार बस सेवा काफी रास आई।
39 में से 22 के इंजन ठप-पिछले एक वर्ष के दौरान 39 स्टार बसों में से 22 बसों के इंजन जवाब दे चुके हैं। बस निर्माण कंपनी ने इन इंजनों को बदलकर दिया है। एक्सप्रेस का दर्जा- हाईटेक डीलक्स स्टार बसें यूरो -2 प्रमाणिक स्टार बसों को 14 मई 07 को प्रदेश सरकार ने एक्सप्रेस बसा का दर्जा दिया था।
>> प्रस्तावित बस स्टापेज में से काफी बनाए जा चुके हैं, शेष भी एक हफ्ते में पूरे कर लिए जाएंगे। फिलहाल जीपीएस सिस्टम अनुपयोगी है, क्योंकि अभी बसें आधे-आधे घंटे के अंतराल से स्टाप पर आती हैं। यह अंतराल 10 से 15 मिनट होने पर ही जीपीएस लगाया जाएगा।
-कमल नागर , सीईओ, बीसीएलएल